कारगिल और सियाचिन के दिन देखे, रुपयों से भरा बैग देखा..नहीं टूटा 'प्रण', लेडी IAS ने कही दिल छू लेने वाली बात
नई दिल्ली, 21 जुलाई। उनके सीने पर एक नजर डालें तो पता चलता है कि वो कितना स्वाभिमानी, ईमानदार और साहसी है। वो तो 20 साल तक जांबाज सैनिक का दायित्व अदा करने वाला वो भारतीय सिपाही है जिसने सियाचिन के खतरनाक ग्लेशियर में दिन और रातें बिताईं और कारगिल के दिन भी देखे जब जिंदगी और मौके बीच फासला बेहद कम था। दरअसलस, हम बात कर रहे हैं एक भूतपूर्व सेना के जावान की। जिसने पहले सीमा पर अपनी ड्यटी निभाई और अब देश के अंदर।

छत्तीसगढ़ के एक गार्ड ने बैंक में ड्यूटी के दौरान वो कर दिया जिसकी तारीफ आईएएस अधिकारी भी करते नहीं थक रहे। पूरे जिले इस पूर्व सैनिक की चर्चा है। गार्ड की तस्वीर के साथ झारखंड के कांकेर जिले के कलेक्टर ने ट्विटर पर एक दिल छू लेने वाली पोस्ट डाली। जिसमें एक ईमानदार गार्ड की जमकर तारीफ की गई है।
भूतपूर्व सैनिक ने लौटाए 2 लाख रुपये, IAS ने दी जानकारी
छत्तीसगढ़ के कांग्रेस जिले की जिला कलेक्टर प्रियंका शुक्ला ने अपनी पोस्ट में लिखा SBI पखांजूर के बाहर एक व्यक्ति से 2 लाख रुपये गलती से छूट गए थे।3 घंटे बाद जब वह वापिस बैंक पहुँचे तो ज़िम्मेदारी से गार्ड का कर्तव्य निभा रहे- श्री समर पांडे द्वारा पूरी राशि उन्हें सुरक्षित लौटा दी गई। पूरे जिले को श्री पांडे की कर्तव्यपरायणता पर गर्व है'।
कारगिल के दिनों ें ड्यूटी कर चुके हैं समर पाण्डेय
पेशे से लेखक व एडवोकेट नवदीप सिंह ने अपनी ट्विटर पोस्ट में लिख 'उनके सीने पर एक नज़र और पता चलता है कि यह ईमानदार आदमी अब एक सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहा है, जो 20 साल से अधिक की सेवा के साथ एक सैन्य दिग्गज भी है, और अन्य स्थानों के अलावा, सियाचिन ग्लेशियर में, कारगिल में सक्रिय संचालन में सेवा की थी। जम्मू-कश्मीर में काउंटर इंसर्जेंसी ड्यूटी।'












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