छत्तीसगढ़ में 3.5 लाख लोगों में मिले सिकल सेल के लक्षण, सीएम साय ने कहा- सामुहिक जिम्मेदारी से दूर होगी
Chhattisgarh News: विश्व सिकल सेल एनीमिया दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश 2047 तक विकसित भारत का रूप ले लेगा। इसी दौरान भारत से सिकल सेल एनीमिया की बीमारी भी पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। यह बात सीएम साय ने रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम में कही।
इस दौरान सीएम यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में करीब 1 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग हुई है जिसमें से करीब 3.5 लाख लोगों में इसके(सिकल सेल रोग) लक्षण पाए गए हैं और 22.5 हजार लोग इस बीमारी से ग्रस्त पाए गए हैं। छत्तीसगढ़ में हमारा स्वास्थ्य और जनजातीय विभाग लगा हुआ है।

सीएम साय ने कहा कि ये बीमारी जागरुकता लाने की है... हमारे देश के विद्वान लगे हुए हैं कि इस रोग का उन्मूलन हो। इससे पहले सीएम साय ने विश्व सिकल सेल दिवस पर सिकल सेल की स्क्रीनिंग और जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होकर सिकल सेल जागरूकता रथ को रवाना किया।
उन्होंने सिकल सेल से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सिकल सेल पीड़ितों को जेनेटिक कार्ड का वितरण किया और बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में भी जागरूकता फैलाने के लिए सिकल सेल की जानकारी देने वाली हल्बी और गोंडी भाषा की पुस्तिका का विमोचन किया।
जांच के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने सभी से सिकल सेल की जांच करवाने का आग्रह किया, खासकर शादी से पहले, ताकि आनुवंशिक संक्रमण को रोका जा सके। कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी समुदाय के लोग सिकलसेल एनीमिया से ज्यादातर पीड़ित हैं।
इन पीड़ित मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग और आदिम जाति विकास विभाग के सहयोग से जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है। कहा कि प्रदेश में सिकलसेल के लिए राष्ट्रीय स्तर का रिसर्च सेंटर प्रारंभ करने के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है ताकि प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया बीमारी से और बेहतर तरीके से बचाव किया जा सके।












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