छत्तीसगढ़:भाजपा की तर्ज पर कांग्रेस ने बदला काउंटर का तरीका!

रायपुर, 11 जनवरी। बीते कुछ सालों में छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपनी प्रचार और जवाबी शैली को बदला है। कांग्रेस अब विरोधियों के बयानों के आधार पर ही प्रति प्रहार के अनूठे तरीके अपनाना जान गई है। यह कला उसने भाजपा से ही सीखी है। बात लोकसभा चुनाव 2019 के समर की हो,जब कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ मे "चायवाला" वर्सेस "छोटा आदमी" की जंग छेड़कर "चाय पर चर्चा" की तरह ही "आय पर चर्चा" का चुनावी अभियान शुरू किया था। तब से लेकर अब तक कांग्रेस की शैली में हमेशा विरोधियों को जवाब देने के नायाब तरीके शामिल रहे हैं। ताजा मसला है ,पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह के बयान को सरपंचों का अपमान बताया जाना।

raman baghel

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में 20 जनवरी को पंचायत स्तर के चुनाव होने हैं और ऐसे ही वक्त में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भाषा शैली पर सवाल उठाते हुए ,उन्हें सरपंच स्तर की भाषा प्रयोग करने वाला बताया है।

यह भी पढ़ें डॉ. रमन की सीएम भूपेश बघेल को चुनौती,5 लाख नौकरियों का दें प्रमाण ,नहीं तो दें इस्तीफा !

कांग्रेस ने लपका मुद्दा कहा, सरपंचों का अपमान कर रहे हैं रमन सिंह?

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर टिप्पणी पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सिंह लोकतंत्र के प्रमुख स्तंभ जनता द्वारा निर्वाचित निचले पायदान के प्रमुख जनप्रतिनिधि सरपंचों के लिए इतने पूर्वाग्रही क्यों हैं? अगर वे सरपंचों की भाषा समझ जाते तो भाजपा 15 सीट पर नहीं अटकती।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि डॉ. रमन सिंह सरपंचों को हिकारत की नजर से क्यों देखते हैं? शुक्ला ने पूर्व सीएम से पूछते हुए कहा कि क्या देश और प्रदेश के सरपंचों में भाषा के संस्कार नहीं हैं? रमन सिंह ने सरपंचों का अपमान किया है। प्रधानमंत्री ने अपने सुरक्षा की तथाकथित चूक को लेकर जिस स्तर तक प्रतिक्रिया दी है, उसे सारा देश सुनियोजित ड्रामा की संज्ञा दे रहा है। भाजपा नेता देश भर में जो हवन यज्ञ की नौटंकी कर रहे हैं, उस पर प्रतिक्रिया आनी स्वाभाविक है।

modi chaiwala

कभी कांग्रेस को चाय वाले की योग्यता पर सवाल उठाना पड़ा था महंगा !

एक समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाय वाला कहकर संबोधित करने के कारण कांग्रेस की काफी किरकिरी हुई थी। दरअसल 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पीएम मोदी को सिर्फ चायवाला ही नही कह रही थी, बल्कि उनकी योग्यता पर सवाल उठा रही थी।

भाजपा ने मुद्दे को भुनाते हुए इसे देशभर के गरीब परिवार चाय बेचने वालों का अपमान बताते हुए कहा था कि कांग्रेस एक गरीब को देश का प्रधानमंत्री बनते नहीं देख सकती है। तब भाजपा ने मुद्दा लपकते हुए चाय पर चर्चा' नाम से चुनावी कैंपेन छेड़ दिया था। इसका भाजपा को चुनाव में फायदा भी हुआ। जनता के मन मे नरेंद्र मोदी की छवि आम जनता के नेता की बनी और बचपन मे चाय बेचने वाले मोदी देश के प्रधानमंत्री बने।

दरअसल, पीएम पद के उम्मीदवार रहते हुए नरेंद्र मोदी ने अपने संघर्ष को भुनाने के लिए कई मंचो पर बार - बार कहा था कि वो बचपन में चाय बेचा करते थे और वहां से उठकर लंबे संघर्ष के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री बने हैं।

baghel

जब सीएम भूपेश बघेल ने माना था खुद को "छोटा आदमी"

बात 2019 के लोकसभा चुनावी समर की है। 2018 के विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर करते हुए कांग्रेस ने 90 सीटों वाले छत्तीसगढ़ मे 68 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए 15 साल तक सत्ता संभालने वाली भाजपा को 13 सीट पर समेट दिया था।चुनाव जीतने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से मुख्यमंत्री बने भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकसभा चुनावी अभियान के तहत अपना सच देखने के लिए आइना भेजा ।

इस घटना के बाद से राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने बघेल को छोटे मन से छोटी हरकतें करने वाला "छोटा आदमी" कहा दिया। जिसके तत्काल बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने ट्विटर हैंडल पर नाम के आगे 'छोटा आदमी' लिख दिया था । जिसके बाद कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने सोशल मीडिया पर अपने नाम के आगे छोटा आदमी लिखाना शुरू कर दिया था।

दरअसल बघेल को यह आइडिया राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बार-बार निशाना बनाकर 'चौकीदार चोर है' के नारे लगाए जाने के बाद भाजपा की तरह से आलोचना को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने से ही आया था । राहुल गांधी के हमलो के बाद प्रधानमंत्री मोदी समेत तमाम भाजपा नेताओं ने अपने ट्विटर हैंडल के आगे 'चौकीदार' शब्द जोड़ लिया था।

यह भी पढ़ें सीएम भूपेश बघेल की शिकायत लेकर राजभवन पहुंचे डॉ रमन सिंह, कहा - सरपंच की भाषा बोल रहे हैं मुख्यमंत्री

bjp cong

क्या कांग्रेस उठाएगी पंचायत चुनाव में सरपंचों का मान अपमान का मुद्दा?

पंजाब में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक की घटना सामने आने के बाद से छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह के बीच लगातार जुबानी जंग जारी है।पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक मामले को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से लगातार दिए जा रहे बयानों के बाद पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने बघेल की भाषा पर आपत्ति जताते हुए रविवार को उन्हें सरपंच स्तर का बयान देने वाला व्यक्ति बताया था और इसकी शिकायत राज्यपाल से भी की थी। जिसके बाद कांग्रेस ने इसे सरपंचों का अपमान बताया है।

अब देखना यह होगा कि 20 जनवरी को छत्तीसगढ़ में हो रहे आगामी सरपंच चुनावों में इस मुद्दे को कांग्रेस भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ कैसे इस्तेमाल करती है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+