Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

लोक लेखा समिति के सांसद Chhattisgarh में फलों की जैविक खेती देख हुए प्रभावित, कहा राहुल गांधी को लाएंगे

छत्तीसगढ़ में दुर्ग जिले का धमधा ब्लॉक टमाटर और सब्जियों की खेती के पूरे देश में प्रसिद्ध है। लेकिन यहां 14 से ज्यादा फलों की खेती भी की जा रही है। जिसे देखने संसद की लोक लेखा समिति धमधा ब्लॉक के धौराभांठा गांव पहुंची।

दुर्ग, 29अगस्त। छत्तीसगढ़ में दुर्ग जिले का धमधा ब्लॉक टमाटर और सब्जियों की खेती के पूरे देश में प्रसिद्ध है। लेकिन यहां 14 से ज्यादा फलों की खेती भी की जा रही है। जिसे देखने संसद की लोक लेखा समिति धमधा ब्लॉक के धौराभांठा गांव पहुंची। यहां लभगभ 500 एकड़ में की जा रही आधुनिक व जैविक खेती को देखकर सभी सदस्यों ने तारीफ की। फलों की खेती से प्रभावित लोक लेखा समिति के चेयरमेन अधीर रंजन ने यहां एग्रीकल्चर कॉलेज की शुरुआत कर छात्रों को प्रैक्टिकल आधारित शिक्षा देने की सलाह भी दी।

500 एकड़ में होती है 14 फलों की खेती

500 एकड़ में होती है 14 फलों की खेती

संसद की लोक लेखा समिति इन दिनों छत्तीसगढ़ के दौरे पर है। समिती के सदस्य छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग की उन्नत खेती का मॉडल देखने दुर्ग के धमधा ब्लॉक धौराभांठा गांव पहुंची। संसद में नेता प्रतिपक्ष व लोक लेखा समिति के चेयरमैन अधीर रंजन चौधरी के नेतृत्व में पहुंची इस टीम ने धमधा ब्लॉक में लगभग 500 एकड़ में फैले जेएस फार्म्स का भ्रमण किया। जहां 14 प्रकार के फलों की खेती वृहद स्तर पर की जा रही है ।

समिति के सभी सांसद हुए प्रभावित

समिति के सभी सांसद हुए प्रभावित

धमधा के धौराभाठा स्थित एसजे फार्म में पहुंचे समिति के सदस्यों ने शनिवार को फॉर्म का विजिट किया। सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि दुर्ग जिले में जैविक और बेहतरीन उन्नत खेती हो रही है। यहां कम लागत और कम पानी में बढ़िया खेती हो रही है। भूमिगत जल की अपेक्षा वर्षा के जल का संचय कर बेहतर उपयोग किया जा रहा है। जिससे फलों का अच्छा उत्पादन हो रहा है। रासायनिक खाद की अपेक्षा जैविक खाद का उपयोग कर ज्यादा मुनाफा कमाया जा रहा है। हमारी मृदा की उर्रवा शक्ति को बचाकर इस तरह की खेती करना किसानों के लिए अच्छा उदाहरण है।

सांसद अधीर रंजन बोले राहुल जी को लेकर आऊंगा

सांसद अधीर रंजन बोले राहुल जी को लेकर आऊंगा

दरअसल धौराभाठा में जेएस फॉर्म में आधुनिक व जैविम खेती की जा रही है। यहां जैविक खेती के माध्यम से उन्नत खेती की जा रही है। कम पानी और कम लागत में कैसे ज्यादा उत्पादन करने का उदाहरण पेश किया जा रहा है। एशिया की सबसे बड़ी सीताफल की खेती 180 एकड़ में यहीं हो रही है। इससे प्रभावित सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि, मैं जब भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी जी के साथ छत्तीसगढ़ आया तो उन्हें यहां जरूर लेकर आऊंगा।

वाटर रिचार्जिंग तालाब देखकर की तारीफ

वाटर रिचार्जिंग तालाब देखकर की तारीफ

लोक लेखा समिति के सांसदों को फार्म हाउस संचालक अनिल शर्मा ने बताया कि पहले आसपास के गांव में जल स्तर बहुत नीचे चला गया था लेकिन हमने वर्षा जल को एकत्र करने यहां तालाब बनावाया है। 10 एकड़ एरिया में तीन तालाब बनाए गए हैं। इन तालाबों में बारिश का पानी इकट्‌ठा किया जाता है। तालाब के सहारे भू-तल रिचार्ज हो जाता है। एक-एक तालाब 24 करोड़ लीटर पानी रहता है। यही नहीं, तालाब के पास पानी स्टोर करने के लिए अलग से टंकी है। इसके साथ ही आधुनिक सिंचाई व्यवस्था का इंतजाम भी किया गया है।

सांसदों ने थाईलैंड खजूर और ड्रैगन फ्रूट का चखा स्वाद

सांसदों ने थाईलैंड खजूर और ड्रैगन फ्रूट का चखा स्वाद

लोक लेखा समिति के सदस्यों ने इस दौरान फार्म में 14 प्रकार के फल की पैदावार देखी। यहां सिर्फ 180 एकड़ में सीताफल की खेती की जा रही है। इसके साथ ही 100 एकड़ में हाइब्रिड अमरूद, 20 एकड़ में ड्रैगन फ्रूट की खेती की जा रही है। यहां एप्पल बेर, हाइब्रिड अमरूद, स्टारफ्रूट, ड्रैगनफ्रूट, चीकू, करौंदा, बिही, थाइलैंड खजूर, वाटर एप्पल, कटहल, नींबू, मौसम्बी, देशी जामुन का स्वाद चखा। उन्होंने सीताफल पल्पिंग प्रोसेसिंग यूनिट भी देखा।

जैविक खेती के लिए 300 गिर नश्ल की गायों का पालन

जैविक खेती के लिए 300 गिर नश्ल की गायों का पालन

दरअसल जैविक खेती के लिए गौमूत्र और गोबर की उपलब्धता के लिए यहां गिर नस्ल की 300 गाय का पालन किया जाता हैं। इन्हीं गायों के गोबर से खाद और नीम की नीम की पत्तियों और गोमुत्र से दवा बनाकर उसे फसलों के लिए उपयोग किया जा रहा है। सदस्यों ने गौमुत्र से दवा से तैयार कर फसल की पैदावार बढ़ाने का प्रोजेक्ट भी देखा। साथ ही गायों दूध से घी व अन्य समाग्री निर्माण की भी जानकारी ली।

बच्चों को प्रैक्टिकल नॉलेज दिए जाने की कही बात

बच्चों को प्रैक्टिकल नॉलेज दिए जाने की कही बात

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में इस जैविक खेती से प्रभावित लोक लेखा समिति के सदस्यों ने जेएस फॉर्म के संचालक वजीर सिंह और अनिल शर्मा से कहा कि यहां एक कृषि कॉलेज की शुरुआत की जा सकती है। जिससे यहां पढ़ने वाले बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी मिल सके। इसके लिए संचालकों ने कहा कि, जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

समिति के ये सभी सदस्य पहुंचे थे भ्रमण में

समिति के ये सभी सदस्य पहुंचे थे भ्रमण में

समिति सदस्यों समिति के अध्यक्ष अधीर रंजन में, यूपी के पूर्व सीएम व सांसद जगदम्बिका पाल सहित बिहार से सांसद रामगोपाल यादव, सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर सत्यपाल सिंह, तमिलनाडु से सांसद एम थंबीदुरई, उत्तर प्रदेश से लोकसभा सांसद श्यामसिंह यादव, राजनांदगांव के पूर्व सांसद प्रदीप गांधी और छग कांग्रेस कमेटी के महामंत्री जितेंद्र साहू भी शामिल रहे। सांसदों का जेएस ग्रुप से संचालक वजीर सिंह, अनिल शर्मा, यज्ञदत्त शर्मा में फार्म हाउस की जानकारी दी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+