छत्तीसगढ़: धान खरीदी पर घमासान, कांग्रेस बोली- केंद्र 1 किलो धान भी नही खरीदता
इससे पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ट्विट करके कुछ आंकड़े पेश किये थे। बघेल ने लिखा था कि भाजपा शासनकाल एवं कांग्रेस शासन में किसानों को भुगतान की गयी राशि की जानकारी चाही है।उनकी जानकारी के लिए मैं आँकड़े दे रहा हूं ।
कृषि प्रधान होने के कारण राज्य में किसानों को लुभाने के लिए छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार बड़े पैमाने पर धान खरीदी कर रही है,लिहाजा विधानसभा चुनाव से पूर्व धान खरीदी के आंकड़ों को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच तकरार देखी जा रही है।

भाजपा सांसद और पार्टी के छत्तीसगढ़ अध्यक्ष अरुण साव ने बयान जारी करके कहा है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केंद्र सरकार द्वारा किए जाने वाले भुगतान को लेकर राज्य सरकार ने आंकड़े जारी करने की चुनौती स्वीकार नहीं की, क्योंकि राज्य सरकार ने भ्रामक जानकारी दी थी। कांग्रेस जनता को सत्य बताने की हिम्मत नहीं जुटा सकी तो उन्होंने राष्ट्रीय परिपेक्ष की जगह राज्य के आंकड़े जारी किए हैं।
इससे पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ट्विट करके कुछ आंकड़े पेश किये थे। बघेल ने लिखा था कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा शासनकाल एवं कांग्रेस शासन में किसानों को भुगतान की गयी राशि की जानकारी चाही है।उनकी जानकारी के लिए मैं किसानों को डॉ रमन सिंह सरकार एवं हमारी सरकार द्वारा भुगतान की गयी राशि के आँकड़े दे रहा हूं । उम्मीद है अंतर देखकर ठीक-ठाक तरीके से समझ आ जाएगा।
अरुण साव ने फिर एक चुनौती दी है कि कांग्रेस में दम है तो बताए कि धान का कितना पैसा उन्होंने किसानों को दिया और उसी धान से बना चावल खरीदकर केंद्र ने कितना पैसा दिया? उन्होंने कहा कि आंकड़े जारी किए तो मालूम हो जायेगा की धान खरीदी के सोलह आने में से मात्र 1 आना राज्य सरकार दे रही है। केंद्र सरकार धान खरीदी के लिए बारदाने से लेकर परिवहन तक सभी खर्च वहन करती है।
साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों का 61 लाख मैट्रिक टन चावल जो लगभग 90 से 95 लाख मैट्रिक टन धान होता है। उसे केंद्र की मोदी सरकार खरीद रही है। कांग्रेस आंकड़े जारी करने की चुनौती स्वीकार करे और बताए कि केंद्र ने चावल खरीद कर कितना रुपया दिया और इस वर्ष कितना देने वाली है उन्होंने कहा केंद्र द्वारा दी जा रही राशि पर वाहवाही लूटना कांग्रेस की आदत बन चुकी है।
कांग्रेस ने दिया जवाब
वहीं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने अरुण साव के बयान पर अपना जवाब जारी किया है। मरकाम ने अपने लिखित बयान में कहा कि भाजपा धान खरीदी पर लगातार झूठ बोल रही है। भाजपा अध्यक्ष अरुण साव झूठा दावा कर रहे है कि केंद्र सरकार धान खरीदी का बारदाना, सुतली और ट्रांसपोर्टिंग तक का पैसा देती है। जबकि हकीकत यह है कि केंद्र सरकार 1 किलो भी धान की खरीदी नहीं करती है, राज्य सरकार अपने दम पर मार्कफेड के माध्यम से धान की खरीदी करती है। केंद्र का इसके एक रूपया का भी योगदान नहीं है। केंद्र अपनी आवश्यकताओं के लिये राज्य से चावल खरीदता है। मोहन मरकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों के कारण किसानों को देश में सबसे ज्यादा धान की कीमत 2640 और 2660 रू. मिल रही है। केंद्र सरकार के अडंगेबाजी के कारण किसानों को धान की पूरी कीमत एक साथ नहीं मिल पाता है।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि किसानों को धान की कीमत 2640 और 2660 रू. जो मिला उसके पीछे कांग्रेस की राजीव गांधी किसान न्याय योजना है। जिसके कारण किसानों को 9000 रू. प्रति एकड़ की इन्पुट सब्सिडी मिल रही है। इन्पुट सब्सिडी प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान खरीदी के हिसाब से 600 रू. प्रति एकड़ होती है। 600 रू. और समर्थन मूल्य के 2040 तथा 2060 रू. का जोड़ मिलाकर किसानों को 2640 और 2660 रू. मिला है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की यह सहायता भाजपा के किसान विरोधी निर्णय के कारण ही शुरू की गयी। केंद्र सरकार रोक नहीं लगाती तो किसानों को कांग्रेस सरकार एकमुश्त भुगतान करती।
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