लंबे वक्त तक औरत-मर्द का साथरहना भी शादी का सबूत
नयी दिल्ली। मद्रास कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए शादी के लिए साक्ष्यों में नए सबूत को जोड़ दिया है। कोर्ट के फैसले के मुताबिक लंबे वक्त महिला-पुरुष का साथ रहना अब शादी के लिए साक्ष्य माना जाएगा। मद्रास कोर्ट के फैसले के मुताबिक अगर किसी दंपत्ति के पास शादी के निमंत्रण पत्र और तस्वीर मौजूद ना हो तो उनके लिए लंबे समय तक एक साथ रहने को विवाह का वैध सबूत माना जा सकता है।

अदालत की मदुरै पीठ के दो सदस्यों न्यायमूर्ति एस मणिकुमार और न्यायमूर्ति सी टी सेल्वम की पीठ ने ये अहम फैसला दिया और तिरनेलवेली अदालत के पैसले को बदल दिया। आपको बता दें कि तिरनेलवेली कोर्ट ने एक दंपत्ति की तलाक की अर्जी इसलिए ठुकरा दी थी क्योंकि उन दंपति के पास अपनी शादी को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं था। कोर्ट ने उनके तलाक की याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि उनकी शादी पंजीकृत नहीं थी और यहां तक कि शादी की तस्वीर भी नहीं पेश की गई।












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