जब किसान का भैंसा बन गया 'विक्की डोनर'

करमवीर का कहना है कि मैंने युवराज (भैंसे का नाम) को चप्परचिरी में चल रहे पंजाब कृषि मेले से खरीदा था, जो कि मुर्राह नस्ल का है। भैंसे का वीर्य बेचकर हम हर साल चालीस लाख रूपये कमा लेते हैं। जिसकी मांग उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सहित कई राज्यों में मांग है। वीर्य की एक खुराक 300 रूपये की दर से जाती है और हम हर साल 15 से 20 हजार खुराक बेचते हैं।
इसकी इतनी मांग क्यों है? पूछने पर पंजाब राज्य किसान आयोग के डेयरी विशेषज्ञ अनिल कौरा बताते हैं कि इस नस्ल की भैंस 4 हजार लीटर दूध देती है, जबकि मिश्रित नस्ल की भैंस 2 हजार से 2200 लीटर तक दूध देती है। लिहाजा किसानों को अधिक लाभ होता है।
करमवीर का कहना है कि उन्हें देखकर आस पास के किसान भी इस नस्ल पर अधिक भरोसा दिखा रहे हैं।












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