Chandauli: चाय पत्ती की जगह डाली चूहा मारने की दवा, पीने के बाद उल्टी होने लगी तो खुला राज
चंदौली जिले में घर में चाय बनाते समय एक युवती ने चाय की पत्ती की जगह रैट किलर पाउडर डाल दिया। इसका पता तब चला जब घरवालों को चाय पीने के बाद उल्टी होने लगी।

Chandauli जिले में चाय बनाते समय एक युवती भूलवश चाय पत्ती की जगह चूहा मारने की दवा डाल दी। चाय पीने के बाद उसके पिता और भाई उल्टियां करने लगे उसके बाद लोगों को इसकी जानकारी हुई। तीनों की स्थिति गंभीर होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि चूहे मारने वाली दवा डाली गई चाय पीने के चलते पिता और दो पुत्रों की हालत गंभीर हो गई थी। उनका उपचार चल रहा है और तीनों अब खतरे से बाहर हैं।

बिजली कट जाने के चलते हुई गलती
जानकारी अनुसार चंदौली जिले के सदर कोतवाली अंतर्गत कांशी राम आवास कॉलोनी में 38 वर्षीय रामधनी अपनी पत्नी बेटी और दो पुत्रों के साथ निवास करते हैं। मंगलवार की देर रात उनकी बेटी चाय बना रही थी इसी दौरान बिजली कट गई। घर में अंधेरा हो जाने के चलते उनकी बेटी ने ध्यान नहीं दिया और चाय पत्ती की जगह चूहे मारने वाली दवा को चाय समझकर उसी की चाय बना डाली। चूहे मारने वाली दवा से बनाई गई चाय को पीने के बाद 38 वर्षीय रामधनी 18 वर्ष गणेश और 12 वर्ष दिनेश थोड़ी ही देर में उल्टियां करने लगे। लोग जब उल्टियां करने लगे तो उनको शक हुआ उसके बाद लोग किचन में पहुंचे।

रैट किलर का फटा पैकेट देखकर रह गए हैरान
रसोई में पहुंचने के बाद लोगों ने देखा कि चूहे मारने वाली दवा का पैकेट फटा हुआ था। ऐसे में लोगों ने तनिक भी देर नहीं किया और तत्काल तीनों लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। निजी अस्पताल में तीनों का प्राथमिक उपचार किया गया उसके बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने हाय हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। ऐसे में तीनों को लेकर उनके परिजन चंदौली जिला अस्पताल में पहुंचे जहां उनका उपचार शुरू हुआ। चूहे मारने के पाउडर का पैकेट भी परिजन साथ में लेकर अस्पताल पहुंचे थे ऐसे में चिकित्सकों द्वारा उसी के अनुसार उपचार प्रारंभ हुआ।

चिकित्सकों ने बताया हालत अब खतरे से बाहर
चंदौली मुख्यालय स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल में तीनों को भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। उपचार कर रहे चिकित्सकों का कहना है कि समय पर जानकारी हो जाने के चलते परिजनों ने अस्पताल लेकर पहुंच गए जिससे उनका उपचार सही ढंग से हो पाया। इस बारे में डॉ संजय कुमार द्वारा बताया गया कि गलती से चाय पत्ती के जगह चूहे मारने की दवा से बनाई गई चाय को पी लेने के चलते 3 लोगों की हालत गंभीर हुई थी। परिजन तीनों को लेकर जिला अस्पताल में आए और परिजन अपने साथ चूहे मारने वाली दवा का पैकेट भी लेकर आए थे। तीनों का उपचार चल रहा है और अब स्थिति खतरे से बाहर है। फिलहाल एक छोटी सी गलती के चलते इतनी बड़ी घटना हो गई इसको लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चा चल रही है।
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