Siddhartha Bhaiya: कौन थे सिद्धार्थ भैया? वेकेशन के दौरान 47 की उम्र में अचानक मौत,शेयर बाजार के थे किंग
Siddhartha Bhaiya Death: शेयर बाजार में मल्टिबैगर स्टॉक्स की पहचान के लिए मशहूर, दलाल स्ट्रीट के सबसे तेज दिमागों में गिने जाने वाले एक्विटास (Aequitas) इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसी के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ भैया अब हमारे बीच नहीं रहे। 47 साल की उम्र में न्यू ईयर वेकेशन के दौरान न्यूजीलैंड में उनका अचानक निधन हो गया।
कंपनी के बयान के मुताबिक सिद्धार्थ भैया 31 दिसंबर 2025 को अपने परिवार के साथ न्यूजीलैंड में छुट्टियां मना रहे थे, तभी उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया। 13 साल में 3700% का रिटर्न देने वाले सिद्धार्थ भैया के निधन से न सिर्फ शेयर बाजार बल्कि निवेशकों और फंड मैनेजमेंट की दुनिया को गहरे सदमे में डाल दिया है। ऐसे में आइए जानें कौन हैं सिद्धार्थ भैया।

🟡 Who was Siddhartha Bhaiya: कौन थे सिद्धार्थ भैया, जिन्हें कहा जाता था शेयर बाजार का मास्टरमाइंड
सिद्धार्थ भैया Aequitas Investment Consultancy Pvt. Ltd के फाउंडर, मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर थे। उन्हें शेयर बाजार में दो दशक से ज्यादा का अनुभव था और वह उन चुनिंदा इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट (निवेश विशेषज्ञ) में शामिल थे, जिनकी बात को बाजार गंभीरता से सुनता था।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2005 में Nippon India Mutual Fund से की थी, जहां वह बेहद कम उम्र में Portfolio Management Services डिवीजन के फंड मैनेजर बने। उस समय उनके पास करीब 200 मिलियन डॉलर का AUM था, जो अपने आप में बड़ी जिम्मेदारी मानी जाती है। करीब 7 साल तक Nippon India में काम करने के बाद उन्होंने 2011 में कंपनी छोड़ी और अपने सपने की ओर कदम बढ़ाया।
🟡 Aequitas की नींव और मल्टिबैगर रणनीति
साल 2012 में सिद्धार्थ भैया ने Aequitas Investment Consultancy की स्थापना की। यह फर्म खासतौर पर Ultra High Net Worth Individuals और फैमिली ऑफिसेज को सर्विस देती है।
उनकी सबसे बड़ी पहचान थी स्मॉलकैप और अनडिस्कवर्ड कंपनियों को शुरुआती दौर में पहचानना। इसी रणनीति के दम पर Aequitas के PMS और AIF प्लेटफॉर्म ने करीब 13 साल में निवेशकों को 3700 प्रतिशत तक का एब्सोल्यूट रिटर्न दिया।
जनवरी 2026 तक Aequitas का AUM करीब 7,700 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका था। LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक, उनकी फर्म ने करीब 34 प्रतिशत का CAGR रिटर्न दिया, जो किसी भी फंड हाउस के लिए असाधारण माना जाता है।
🟡 जब बाजार हाई पर था, तब भी चेतावनी देने से नहीं चूके सिद्धार्थ भैया
सिद्धार्थ भैया की पहचान सिर्फ शानदार रिटर्न तक सीमित नहीं थी। वह उन गिने-चुने निवेशकों में थे, जिन्होंने 2024 में बाजार के रिकॉर्ड हाई पर होने के बावजूद खुलकर करेक्शन की बात कही थी।
एक समिट में उन्होंने भारतीय शेयर बाजार को "एपिक बबल" करार दिया था। उनका कहना था कि Nifty का 20 के आसपास PE दिखना भ्रामक है, क्योंकि इसमें PSU शेयरों का बड़ा वजन है, जिन्हें ज्यादातर रिटेल निवेशक रखते ही नहीं।
उनका तर्क था कि अगर SBI, ONGC, NTPC, Coal India और Power Grid जैसे शेयरों को हटाया जाए, तो आम निवेशकों के पोर्टफोलियो का PE 40 से भी ऊपर बैठता है। मिडकैप और स्मॉलकैप में यह आंकड़ा 50 के पार जा चुका है।
सिद्धार्थ भैया ने SIP आधारित बाजार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि यह SIP नहीं बल्कि SWT है, यानी मिडिल क्लास से अमीरों की ओर Systematic Wealth Transfer। उनके मुताबिक, जितना पैसा SIP के जरिए बाजार में आ रहा है, उतना ही प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। उन्होंने साफ कहा था कि यह स्वस्थ बुल मार्केट नहीं है।
🟡 शेयर बाजार ने खोया एक बेबाक आवाज
Helios Capital के फाउंडर समीर अरोड़ा समेत कई दिग्गजों ने सोशल मीडिया पर उनके निधन पर शोक जताया। निवेश की दुनिया में सिद्धार्थ भैया की कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
47 साल की उम्र में जिस शख्स ने हजारों निवेशकों की किस्मत बदली, वही शख्स नए साल की शुरुआत में दुनिया को अलविदा कह गया। शेयर बाजार के इस 'किंग' की कहानी आने वाले निवेशकों के लिए सीख और प्रेरणा दोनों बनी रहेगी।












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