अनिल अंबानी समूह को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने DMRC के दिया 2800 करोड़ रुपये भुगतान का आदेश
नई दिल्ली, 09 सितंबर। देश के सर्वोच्च न्यायालय से कर्ज में डूबे अनिल अंबानी के रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ी राहत मिली है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो मामले में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की एक याचिका को खारिज कर दिया है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला देते हुए रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के पक्ष में 2800 करोड़ का मध्यस्थ अवार्ड बरकरार रखा है। इस आदेश के आते ही रिलायंस इन्फ्रा के शेयर में भी उछाल देखा गया।
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रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के मालिक और उद्योगपति अनिल अंबानी के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने डीएमआरसी की याचिका खारिज करते हुए कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को रिलायंस इन्फ्रा को 2800 करोड़ रुपये और ब्याज का हर्जाना देना होगा। न्यायालय के इस फैसले से अब अनिल अंबानी की कंपनी को कुल 5800 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, यह अंबानी परिवार के लिए बड़ी राहत है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर में भी 5 फीसदी का उछाल आया है।
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क्या है मामला?
मामला दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो के निर्माण और संचालन के लिए दोनों संस्थाओं के बीच 2008 के एक समझौते से संबंधित है। हालांकि, 2012 में रिलायंस इंफ्रा द्वारा अनुबंध समाप्त कर दिया गया था। डीएमआरसी ने शुरू में मामले में एक मध्यस्थता खंड लागू किया था, लेकिन मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने डीएमआरसी को 2017 में रिलायंस इंफ्रा को ब्याज के साथ 2,800 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था। दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल-न्यायाधीश पीठ ने 2018 में रिलायंस इंफ्रा के पक्ष में मध्यस्थता के आदेश को बरकरार रखा था। हालांकि, 2019 में दिल्ली उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ द्वारा मध्यस्थता पुरस्कार को अलग रखा दिया गया था। इसके बाद रिलायंस इंफ्रा ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जिसमें अनिल अंबानी समूह की जीत हुई।












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