RBI रेपो रेट में 50 बेसिक प्वाइंट की कर सकता है बढ़ोत्तरी, बैठक में करेगा फैसला
नई दिल्ली, 28 सितंबर: आरबीआई सितंबर की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो रेट में 50 बेसिक प्वाइंट की बढ़ोतरी कर सकता है। केंद्रीय बैंक के 30 सितंबर को रेपो दर में 0.50 फीसदी यानि आधा प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। ये कदम भारतीय रिजर्व बैंक न केवल मुद्रास्फीति से लड़ने के लिए, बल्कि रुपये के मूल्यह्रास को रोकने के लिए उठाने वाला है। आरबीआई पहले ही मुद्रा को स्थिर करने के लिए 100 अरब डॉलर के भंडार का इस्तेमाल कर चुका है।

अभी रेपो रेट 5.40 फीसदी है। अगर आरबीआई 50 बेसिक प्वाइंट की बढ़ोतरी करता है तो रेपो दर 5.90 फीसदी पर चली जाएगी। केंद्रीय बैंक एक बार फिर प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.50 प्रतिशत बढ़ाकर तीन साल के उच्चतम स्तर 5.9 प्रतिशत पर कर सकता है। इससे पहले मई में केंद्रीय बैंक ने अचानक हुई अपनी बैठक में ब्याज दर को 0.40 प्रतिशत बढ़ा दिया था।
वहीं जून और अगस्त में एमपीसी की सिफारिशों के आधार पर आरबीआई ने रेपो दर में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि की थी। पिछले हफ्ते ही करीब एक दर्जन केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में इजाफा किया था। अमेरिका के फेडरल बैंक ने 0.75 फीसदी की बढ़त की थी। रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली एमपीसी की बैठक 28 से 30 सितंबर को होगी। दरों पर निर्णय शुक्रवार यानी 30 सितंबर को घोषित किया जाएगा।
खुदरा मुद्रास्फीति अभी भी आरबीआई की 6% की सहनशीलता सीमा से 1 प्रतिशत अधिक है। भारत में खुदरा महंगाई की दर सात फीसदी है जबकि आरबीआई का लक्ष्य 2 से 6 फीसदी है। आरबीआई रेपो रेट में बढ़ोत्तरी कर मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही है।
एंड्रोमेडा लोन्स के कार्यकारी चेयरमैन वी स्वामीनाथन ने कहा कि अन्य अर्थव्यवस्थाओं में दरों में वृद्धि को देखते हुए आरबीआई के पास दरों में बढ़ोतरी के अलावा कोई विकल्प नहीं है। संपत्ति सलाहकार कंपनी एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि दुनिया भर में मुद्रास्फीति के दबाव के साथ कई देशों ने हाल में लगातार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है।












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