लोन वापस नहीं करने वाले मुफ्तखोर
मुंबई। रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने बड़े डिफॉल्टरों की तुलना मुफ्तखोरों से कर डाली है। रघुराम राजन ने कहा है कि लोन लेकर वापस नहीं करने वाले ऐसे मुफ्तखोर होते हैं जो बैंकों की मट्टी पलीद करने में भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे लोगों ने बैंकों को डुबा दिया है। मुफ्तखोरों की वजह से वास्तविक करतदाताओं को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।

बड़े कर्जदार जिनके लोन चुकतना नहीं होने की वजह से एनपीए में तब्दील हो जाते हैं। दिग्गज जैसे शब्द इस्तेमाल नहीं होने चाहिए। ऐसे बड़े लोग जो कर्ज लेकर वापस चुकता नहीं करते उनके लिए उद्योग जगत के दिग्गज जैसे शब्द इस्तेमाल नहीं होने चाहिए।
कॉरपोरेट को दिए जाते हैं बड़े लोन
रघुराम राजन ने बयान दिया कि सरकारी बैंक ज्यादातर मामलों में यह कर्ज बड़े कॉरपोरेट घरानों को दिए गए हैं। जबकि इनकी वसूली में बैंकों को पसीने छूट रहे हैं।
आरबीआई गवर्नर ने इस बात पर विशेष रूप से बल देकर कहा कि जोखिम लेने के खिलाफ नहीं है। लेकिन थोड़ा सा भी दबाव बनता है तो प्रमोटर एंटरप्राइज को भगवान भरोसे छोड़ने लगते हैं।












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