रतन टाटा ने कहा, चंद्रशेखरन नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे टाटा ग्रुप को
नटराजन चंद्रशेखरन को टाटा संस का नया चेयरमैन नियुक्त करने के बाद टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा ने कहा है कि चंद्रशेखरन लीडरशिप योग्यता के साथ टाटा संस के चेयरमैन पद के लायक हैं।
मुंबई। नटराजन चंद्रशेखरन को टाटा संस का नया चेयरमैन नियुक्त करने के बाद टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा ने कहा है कि चंद्रशेखरन लीडरशिप योग्यता के साथ टाटा संस के चेयरमैन पद के लायक हैं। उन्होंने कहा कि यह काफी कठिन काम है, लेकिन मुझे यकीन है कि वह टाटा ग्रुप को एक नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। साथ ही रतन टाटा को यह भी उम्मीद है कि वह टाटा संस के मूल्यों और नैतिकता की सुरक्षा करेंगे। बता दें कि बतौर चेयरमैन साइरस मिस्त्री की तीन माह के बर्खास्तगी के तीन माह के भीतर यह नाम सामने आया है।

यहां यह बात भी ध्यान देने वाली है कि चंद्रशेखरन पहले ऐसे गैर पारसी हैं जिन्हें टाटा सन्स का चेयरमैन बनाया गया है। 1963 में जन्मे चंद्रशेखरन, पत्नी ललिता और बेटे प्रणब के साथ मुंबई में रहते हैं। इससे पहले चंद्रशेखरन टाटा ग्रुप के क्राउन ज्वेल की अगुवाई कर रहे थे। 2009 में वो टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज से जुड़े थे। 46 साल की उम्र में वो टाटा ग्रुप के सीईओ बन गए हैं। नारायण मूर्ति ने भी सराहा बतौर चेयरमैन चंद्रेशखर की नियुक्ति को इन्फोसिस के को-फाउंडर एन आर नारायण मूर्ति ने भी सराहा है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखरन हमेशा से लोगों के साथ सीखते रहे हैं। वो हमेशा लोगों के साथ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात पर कोई शक नहीं है कि पूरा उद्योग इस बात का जश्न नहीं मना रहा होगा। मूर्ति ने चंद्रशेखरन की नियुक्ति को बहुत बढ़िया पसंद बताया है।
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चंद्रशेखरन ने कोयंबटूर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से अप्लाइड साइंस में बैचलर डिग्री और कंप्यूटर एप्लिकेशन में मास्टर की डिग्री त्रिची के एक संस्थान से ली। उन्हें कई विश्वविद्यालयों से मानद स्वरूप डिग्री और डॉक्ट्रेट मिला है। 1987 में TCS ज्वाइन करने वाले चंद्रशेखरन के कुल समय में इसका रेवेन्यू ग्रोथ 1,12,257 करोड़ रुपए से ज्यादा का हो गया। इसमें 3,71,000 कंसल्टेंट शामिल थे। साथ ही मार्केट कैपिटल 4,76,435 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो गई।
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जानकारी के मुताबिक जब चंद्रशेखरन TCS के सीईओ थे, उस दौरान लाभ 7,093 करोड़ से बढ़कर 24,375 करोड़ रुपए हो गया। बीते साल साइरस मिस्त्री के हटाए जाने के बाद 25 अक्टूबर को वह टाटा सन्स के बोर्ड मेंबर बने। चंद्रशेखरन 2012-2013 के बीच नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज के चेयरमैन भी रहे। वह भारत सरकार की ओर से गठित कई टास्क फोर्सेज के सदस्य भी रहे हैं। चंद्रशेखरन को फोटोग्राफी के साथ-साथ लंबी दूरी की दौड़ लगाना पसंद है। वो कई शहरों में संपन्न हुए मैराथनों में हिस्सा ले चुके हैं।












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