लॉन्च हुअा मेक इन इंडिया, 10 करोड़ को मिलेगा रोजगार
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी महत्वाकांक्षी मुहिम मेक इन इंडिया की शुरुआत आज दिल्ली के विज्ञान भवन से की। मुहिम की शुरुआत वेबसाइट makeinindia.com की लॉन्चिंग के साथ हुई। कार्यक्रम की शुरुआत में देश-दुनिया के कई उद्योगपतियों ने इस मुहिम पर अपने विचार रखे।

इस मौके पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत से उद्योगपतियों के दूसरे देशों में जाने पर चिंता व्यक्त की, उन्होंने कहा कि देशवासियों पर भरोसा करना बहुत जरूरी है। उन्होंने एफडीआई को फर्स्ट डेवलप इंडिया की संज्ञा देते हुए कहा कि यह देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने उद्योगपतियों को भारत को सिर्फ बाजार के रूप में नहीं देखने की सलाह देते हुए कहा कि उद्योग जगत को भारत के लोगों की खरीद शक्ति को बढ़ाने पर जोर देना चाहिए। जबतक ऐसा नहीं होगा मेन्युफैक्चरिंग क्षेत्र आगे नहीं जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने उद्योगजगत को भरोसा दिलाते हुए कहा भारत सरकार उद्योगपतियों का निवेश डूबने नहीं देगी। इसके लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि मेन्युफैक्चरिंग के लिए लोकतंत्र, डेमॉग्रेफी और उत्पाद तीन मूलभूत आवश्यक तत्व हैं और ये तीनों ही तत्व भारत में मौजूद है। ऐसे में भारत मेन्युफैक्चरिंग के लिए ऐशिया में सबसे श्रेष्ठ जगह है। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया सिर्फ एक नारा नहीं है बल्कि हमारी जिम्मेदारी है। इस मुहिम के जरिए देश के गरीबों के जीवन में एक नया बदलाव आएगा।
कई उद्योगपतियों ने अपने विचार रखे
रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा- भारत में प्रधानमंत्री मोदी जैसे नेतृत्व के आने से देश के कई बड़े सपने पूरे होंगे, ऐसी मैं उम्मीद करता हूं। इसका फायदा करोड़ो लोगों को होगा। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया की मुहिम की शुरुआत इससे बेहतर नहीं हो सकती जब भारत के ने मार्स मिशन की सफल शुरुआत की है। जिस तरह से भारत ने इतने कम खर्च में मंगल मिशन को पूरा किया है वो काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के माध्यम से मेक इन इंडिया को नई बुलंदियों पर पहुंचेगा।
इस मौके पर बोलते हुए अजीज प्रेमजी ने कहा कि मेन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इसे लगातार बढ़ाव देते रहना होगा। निरंतर प्रय़ास से ही इस क्षेत्र को नई ऊचाइयों को छू सकता है। वहीं मशहूर उद्योगपति कुमार बिडला ने कहा कि भारत आईटी हब के नाम से जाना जाता है। उन्होंने विकास के लिए मेन्युफैक्चरिंग को बेहद आवश्यक बताया है। उन्होंने कहा कि मेन्युफैक्चरिंग के लिए भारत में सभी संसाधन मौजूद हैं। आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस मुहिम के जरिए अगले एक दशक में दस करो़ड़ भारतीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस मुहिम के जरिए भारत दुनिया में सबसे बड़े मेन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरेगा।












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