जैविक खेती को भी बढ़ावा देंगे, खर्च होंगे 100 करोड़ रुपए

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा में आम बजट 2014-15 पेश करते हुए पूर्वोत्तर और आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना राज्यों के लिए कई बड़ी योजनाओं की घोषणा की। अपने पहले बजट भाषण में जेटली ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में पूर्वोत्तर में जैविक खेती के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये जाएंगे। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर जैविक खाद्य पदार्थों की बढ़ती हुई मांग के मद्देनजर पूर्वोत्तर को व्यावसायिक जैविक खेती के विकास का फायदा मिलेगा।
क्यों जरूरी है जैविक खेती
संपूर्ण विश्व में बढ़ती हुई जनसंख्या एक गंभीर समस्या है। बढ़ती हुई जनसंख्या के साथ भोजन की आपूर्ति के लिए मानव द्वारा खाद्य उत्पादन की होड़ में अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए तरह-तरह जतन किए जा रहे हैं। इसी होड़ के चलते रासायनिक खादों, जहरीले कीटनाशकों का उपयोग बढ़ रहा है। जिससे भूमि की उर्वरकता समाप्त हो रही है। जबकि इसके उलट जैविक खेती यानी अॉरगेनिक खेती में हानिकारक कीटनाशकों व खाद् का उपयोग नहीं किया जाता है। जैविक खेती के तहत प्राकृतिक कम्पोष्ट खाद् का उपयोग किया जाता है। जिससे जमीन की उर्वरकता बरकरार रहती है।
टीवी चैनल से जागरुकता
गांव-गांव किसानों तथा लोगों तक कृषि से लेकर हर प्रकार की जागरुकता फैलाने के लिए अरुण प्रभा नाम से चौबीस घंटे का चैनल शुरू किया जाएगा। पूर्वोत्तर की संस्कृति और भाषायी पहचान को एक मजबूत और बड़ा मंच उपलब्ध कराने के लिए श्री जेटली ने पूर्वोत्तर के लिए ‘'अरुणप्रभा (24x7)'' नामक टीवी चैनल शुरू करने की घोषणा की। इस चैनल के माध्यम से हमारे देश की विविधिता के बारे में व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलाने के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी अभिव्यक्त किया जाएगा।












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