आत्मनिर्भर भारत के लिए सार्वजनिक उपक्रम की नई नीति की घोषणा, प्रतिबंधित सेक्टर में प्राइवेट सेक्टर को भी मिलेगी इजाजत
नई दिल्ली: कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश में 25 मार्च से लॉकडाउन का ऐलान किया गया था। इस दौरान उद्योग-धंधे बंद रहे, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया। इस पैकेज की सभी पांच किस्तों को लेकर वित्त मंत्री ने घोषणाएं कर दी हैं। इसमें आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत सार्वजनिक उपक्रम के लिए नई नीति की घोषणा सरकार ने की है।

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वित्त मंत्री ने मुताबिक पिछले कुछ समय में भारत और दुनिया में कई बदलाव देखे गए हैं। ऐसे में प्राइवेट सेक्टर में भी बदलाव की जरूरत है, जिस वजह से प्रतिबंधित सेक्टर में अब प्राइवेट सेक्टरों को इजाजत मिलेगी। जल्द ही सरकार नई पब्लिक सेक्टर पॉलिसी की घोषणा कर देगी। इसमें रणनीतिक सेक्टर और पब्लिक सेक्टर के बारे में तय किया जाएगा। वित्त मंत्री के मुताबिक जिन क्षेत्रों में जनहित में सार्वजनिक क्षेत्र की जरूरत है, उन्हें अधिसूचित किया जाएगा। सरकार की कोशिश रहेगी कि रणनीतिक क्षेत्र में कम से कम एक सार्वजनिक उपक्रम शामिल रहे। वहीं गैर-रणनीतिक सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण कर दिया जाएगा।
वित्त मंत्री के मुताबिक अब पब्लिक सेक्टर को निजी करने का फैसला मार्केट देखकर किया जाएगा। हाल ही में सरकार ने कई बैंकों को मर्ज किया था। जिससे उनके खर्च में काफी कटौती हुई, इस वजह से वो अब अपने नुकसान की भरपाई कर पा रहे हैं। निर्मला सीतारमण के मुताबिक भारतीय कंपनियों को विदेशी बाजार में लिस्ट करने की इजाजत होगी। इसके साथ ही प्राइवेट कंपनी को भी एनसीडी में लिस्ट करने की इजाजत होगी, लेकिन उन्हें लिस्टेड कंपनी नहीं माना जाएगा। उन्होंने बताया कि सात कंपाउंडेबल अपराध को घटाकर 5 कर दिया गया है। छोटी चूक को अब कंपाउंडेबल अपराध नहीं माना जाएगा। इससे एनसीएलटी और क्रिमिनल कोर्ट पर दबाव कम होगा।












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