रोजगार सूचकांक: NGO क्षेत्र ने बनाया रोजगार सृजन का कीर्तिमान

जैसा कि आप तस्वीर में देख रहे हैं कि स्वास्थ्य व घरेलू उपकरण क्षेत्र में बेतहाशा बढ़ोत्तरी मिली है। आने वाले बजट से जनता को भले ही कितनी भी उम्मीदें हैं पर जहां बीजेपी के पास इस तस्वीर को पेश करने का सुनहरा मौका है तो वहीं विपक्ष के पास यह तर्क है कि यह आंकड़े तो हमारी मदद के दम पर सामने आए हैं।
पढ़ें- Air India का नया कदम
मॉन्सटर रोजगार सूचकांक की यह तस्वीर पेश करती है कि बिक्री एवं सचार, हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर व्यवसाय ने नई रफ्तार पकड़ी है। बीते एक साल के अंतराल में मीडिया व मनोरंजन के ग्राफ में भी आंकड़े ने तेजी दिखाई है। एनजीओ क्षेत्र में बढ़त के कुछ मुख्य कारण हैं-
- रूरल, अर्बन व मेट्रोपोलिटन शहरों में इनकी तेजी से बढ़ती संख्या और सक्रियता।
- योजनाओं को ऑनलाइन कर फंड जुटाना व गुणवत्ता, विश्वसनीयता के साथ व्यवहार करना।
- रेाजगार सृजन से लेकर सेवाओं को परिपूर्णता से पेश करना व खुद का प्रचार-प्रसार करना।
- नाम और काम को वेबसाइट व सोशल मीडिया के माध्यम से मजबूत रखना।
- देश ही नहीं, विदेशों से फंड का आदान-प्रदान व धोखाधड़ी में कमी आना।












Click it and Unblock the Notifications