सड़क पर कार और बाइक चलाने से पहले पढ़ें ये खबर, ड्राइविंग लाइसेंस समेत बदल गए हैं ये 13 नियम
नई दिल्ली। अगर आप कार और बाइक चलाते हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार जल्द ही मोटर व्हीकल से जुड़े नियमों में बदलाव करने जा रही है। मोदी सरकार ने लोकसभा में मोटर व्हीकल एक्ट को पेश किया है। इसका मकसद सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और यातायात के नियमों का उल्लघंन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है। मोदी सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट को 1988 के पुराने मोटर एक्ट में संशोधन के लिए लाया है।

मोदी सरकार करने जा रही है बड़ा बदलाव
- मोदी सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। सूत्रों के मुताबिक पुराने बिल में करीब 88 संशोधन किए गए हैं। नए नियम के मुताबिक अब शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माना बढ़ा दिया गया है। अब इस जुर्माने को 2000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए कर दिया गया है।
- नए नियम के मुताबिक किसी आपातकालीन गाड़ी को रास्ता नहीं देने पर चालक पर पहली बार 10,000 रुपए के ज़ुर्माने का प्रावधान किया गया है।
- गाड़ी चलाने के दौरान मोबाइल फोन पर बात करते हुए पकड़े जाने पर अब जुर्माने की रकम 1000 रुपए से बढ़ाकर 5000 रुपए करने का प्रस्ताव दिया गया है।

बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर जुर्माना बढ़ा
- नए प्रावधान में के तहत अगर अब कोई बिना हेलमेट गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसे 1,000 रुपए का जुर्माने के साथ-साथ 3 महीने के लिए लाइसेंस ज़ब्त करने का आदेश दिया। आपको बता दें कि बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर ज़ुर्माना केवल 100 रुपए है।
- नए प्रावधान में रैश ड्राइविंग करने पर जुर्माना 1,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपए किया गया है। जबकि बिना लाइसेंस के ड्राइविंग करने पर जुर्माना बढ़ाकर 5,000 रुपए किया गया है।

आधार नंबर अनिवार्य
नए प्रावधान के तहत तेज गति से गाड़ी चलाने पर जुर्माना 500 से बढ़ाकर अधिकतम 5,000 रुपए किया गया है। वहीं सीट बेल्ट नहीं लगाने पर जुर्माने की रकम 100 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए करने का प्रस्ताव दिया गया है। वहीं नाबालिग के गाड़ी चलाते पकड़े जाने पर अभिभावक या गाड़ी के मालिक को दोषी माना जाएगा और उनपर 25,000 रुपए का ज़ुर्माना लगाने के साथ-साथ 3 साल की जेल की सजा होगी।- नए प्रावधान में लाइसेंस लेने के साथ-साथ गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के लिए आधार नंबर अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया गया है।
- वहीं लाइसेंस की वैधता खत्म होने के बाद 1 साल तक लाइसेंस रिन्यू करवाने की सहूलियत दी गई है। फिलहाल ये 1 महीने ही है।

दुर्घटना की स्थिति में
- अगर सड़क की बनावट या रखरखाव की वजह से हादसा होने पर सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार, सलाहकार के साथ और सिविक एजेंसी को जिम्मे दार माना जाएगा। हादसे में मौत होने पर 6 महीने के भीतर मुआवजे की सुनवाई करनी होगी।
- वहीं अगर गाड़ी के पार्ट्स की खराबी की वजह से हादसा होता है तो सरकार उस कंपनी की सभी गाड़ियों को बाजार से वापस कर सकने का अधिकार रखेगी। कंपनी पर 500 करोड़ का जुर्माना लगाया जा सकेगा।












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