LIC ने अपने ग्राहकों को दी बड़ी राहत, 2 साल से बंद पड़ी बीमा पॉलिसी कर सकते हैं चालू
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने अपने पुराने पॉलिसीधारकों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। एलआईसी ने दो साल से अधिक समय से बंद पड़ी पॉलिसी को फिर से चालू करने की अनुमति दी है। एलआईसी के इस कदम से उसके साथ जुड़ने वाले बीमाधारकों की संख्या में इजाफा होगा, जिसका आकलन परसिस्टेंसी अनुपात के रूप में किया जाता है।

पॉलिसीधारकों को बड़ी राहत
एलआईसी ने जारी एक बयान में कहा है कि अभी तक दो साल से ज्यादा वक्त से लैप्स पड़ी बीमा पॉलिसी को फिर से शुरू किए जाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन अब इन्हें फिर से चालू किया जा सकेगा। एक जनवरी, 2014 को लागू हुए इरडा प्रोडक्ट विनियमन, 2013 में पहली बार प्रीमियम जमा करने से चूकने के दो साल बाद पॉलिसी लैप्स होने का प्रावधान कर दिया गया था। इरडा का ये नियम एक जनवरी, 2014 से लागू है। इस तारीख के बाद ली गई बीमा पॉलिसी में दो साल से अधिक समय तक प्रीमियम नहीं भरा जाए तो उन्हें फिर से चालू नहीं किया जा सकता था।

शुरू करा पाएंगे दोबारा बीमा पॉलिसी
बंद पड़ी बीमा पॉलिसी का मतलब ऐसी बीमा पॉलिसियों से है जो एक निश्चित अवधि के दौरान नियमित तौर पर प्रीमियम नहीं भरे जाने के कारण बंद हो जाती हैं। एलआईसी की विज्ञप्ति में कहा गया है कि एक जनवरी, 2014 के बाद खरीदी गई सामान्य बीमा पॉलिसी के धारक अब प्रीमियम भुगतान नहीं कर पाने की तिथि से 5 साल की अवधि के भीतर और यूनिट-लिंक्ड पॉलिसीधारक अपनी बंद पड़ी पॉलिसी को आखिरी प्रीमियम भुगतान के तीन साल की अवधि के भीतर फिर से चालू कर सकेंगे।

पहले के प्रावधानों में नहीं थी इसकी अनुमति
एलआईसी ने कहा कि पॉलिसीधारकों की जीवन बीमा सुविधा को बनाए रखने के लिए उसने इरडा से संपर्क किया। कंपनी ने अनुरोध किया कि जिन पॉलिसीधारकों ने एक जनवरी, 2014 के बाद बीमा पॉलिसी खरीदी है, उन्हें भी उनकी बंद पड़ी पॉलिसी को फिर से चालू करने के लिए लंबी अवधि का लाभ दिया जाना चाहिए। एलआईसी के प्रबंध निदेशक विपिन आनंद ने कहा कि कई बार ऐसे हालात बन जाते हैं कि जब कोई व्यक्ति अपना प्रीमियम नियमित तौर पर नहीं भर पाता है और उसकी पॉलिसी बंद हो जाती है। ऐसे में पुरानी बंद पड़ी पॉलिसी को फिर से चालू करने का विकल्प नई पॉलिसी खरीदने से बेहतर होता है।












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