Inflation की मार? टमाटर 100 पार, अदरक 200, नींबू-मिर्च ने भी छुड़ाए पसीने, जानिए कीमतों में उछाल के कारण

Inflation की मार का असर दिखना शुरू हो गया है। सब्जी मंडियों में टमाटर 100 रुपये प्रति किलो से अधिक, जबकि अदरक की कीमत 200 रुपये के पार जा चुकी है। नींबू-मिर्च की कीमत भी ग्राहकों के पसीने छुड़ा रही है।

कीमतों में उछाल के कई कारण हैं। खास बात ये कि देश के अधिकांश हिस्सों में बरसात शुरू होते ही सब्जियों की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार सब्जियों की कीमतों में तेजी का कारण सप्लाई में कमी आना है।

Inflation

केरल में सोमवार को अदरक 20000 रुपए प्रति क्विंटल होने की खबरें सामने आईं। यानी खुदरा कीमतें 200 रुपये प्रति किलो से भी अधिक है। नींबू और हरी मिर्च के रेट भी लोगों के पसीने छुड़ा रही है।

सब्जी बाजार में टमाटर की भारी कमी पिछले कुछ दिनों से भारतीय लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ दिनों में टमाटर की कीमतें आसमान छू रही हैं। खुदरा बाजार में कीमतें 80-120 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं।

मंडियों में टमाटर की थोक कीमतें 65-70 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं। ऊंची कीमतों का कारण देश के अधिकांश हिस्सों में उच्च तापमान, कम उत्पादन और देरी से हुई बारिश को माना जा सकता है।

टमाटर की कीमतों में अचानक उछाल आया है। मई में 3-5 रुपये प्रति किलो बिकने वाले टमाटर की कीमतों में लगी आग के कारण भारतीय रिजर्व बैंक की मुद्रास्फीति की चिंताएं बढ़ गई हैं।

सब्जियों की कीमत में उछाल पर इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, "पिछले दो दिनों में टमाटर की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। आज़ादपुर थोक बाज़ार के टमाटर व्यापारी अशोक गनोर ने कहा, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से टमाटर की आपूर्ति कम हो गई है।

उन्होंने कहा, बेंगलुरु से टमाटर मंगाना पड़ रहा है। टमाटर के जो पौधे जमीन पर थे, वे हाल की बारिश के दौरान खराब हो गए हैं। गनोर ने कहा, यह जरूरी नहीं है कि आने वाले हफ्तों में भी ऊंची कीमतें जारी रहेंगी।

उन्होंने कहा, कीमतें नीचे आ सकती हैं क्योंकि कई नई जगहों से टमाटर की सप्लाई जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। अगर हिमाचल प्रदेश और अन्य उत्पादक क्षेत्रों में भारी बारिश होती है, तो ऊंची कीमतें स्थिर रह सकती हैं।"

सब्जियों की कम कीमत के कारण किसानों ने उत्पादन भी कम किया, परिणामस्वरूप खराब उत्पादन हुआ। महाराष्ट्र के नारायणगांव क्षेत्र के किसान अजय बेल्हेकर ने कहा, "अच्छी कीमत न मिलने के कारण किसानों ने कीटनाशकों का छिड़काव नहीं किया या उर्वरकों का उपयोग नहीं किया।"

उन्होंने कहा कि कीट और बीमारियों का प्रकोप बढ़ने से उत्पादन में गिरावट आई। वर्तमान में गुजरात, राजस्थान और कोलकाता और दिल्ली से टमाटर की आपूर्ति के प्रयास हो रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले साल टमाटर की बुआई कम हुई थी, क्योंकि ज्यादातर किसानों ने बीन्स की बुआई शुरू कर दी थी, जिसकी कीमत पिछले साल ऊंची रही थी।

टमाटर की कमी से भोजनालयों और रेस्तरां के भोजन मेनू पर कीमतों में भी तेजी की आशंका है। बाहर खाने वाले उपभोक्ताओं को अधिक जेब ढीली करनी पड़ेगी।

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