Gold Hallmarking: 15 जून से बदल जाएगा सोना खरीदने का नियम, जानिए क्या है गोल्ड हॉलमार्किंग
Gold Hallmarking: 15 जून से बदल जाएगा सोना खरीदने का नियम, जानिए क्या है गोल्ड हॉलमार्किंग
नई दिल्ली, मई 30। अगर आप सोने की ज्वैलरी खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो सोने की खरीदारी के नियम में होने वाले अहम बदलाव के बारे में जरूर जान लें। अगले 15 दिनों में सोने की खरीदारी के नियम में अहम बदलाव होने जा रहा है। सोने की ज्लैवरी खरीदने के लिए हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया जाएगा। पहले इसे गोल्ड हॉलमार्किंग को 1 जून से ही अनिवर्य बनाया जा रहा था, लेकिन अब सरकार ने इसकी डेडलाइन को बढ़कर 15 जून 2021 कर दिया है।

केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी को देखते हुए गोल्ड हॉलमार्किंग की अनिवार्यता को 15 दिनों स लिए बढ़ा दिया। जो नियम 1 जून से लागू होने वाले थे, सरकार ने कोरोना संक्रमण को देकथे हुए उसे 15 जून तक के लिए टाल दिया है। दरअसल कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स और ज्वेलरी इंडस्ट्री ने सरकार ने इस डेडलाइन को बढ़ाने की मांग की थी, ताकि वो समय पर अपनी तैयारियों को पूरा कर सके। आपको बता दें कि ये पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी कई बार गोल्ड हॉलमार्किंग की डेडलाइन को बढ़ाया जा चुका है। पहले इस जनवरी 2021 से लागू करना था, जिसे बढ़ाकर 1 जून कर दिया गया। अब एक बार फिर से इस बढ़ाकर 15 जून कर दिया गया है।
क्या है गोल्ड हॉलमार्किंग
गोल्ड हॉलमार्किंग शुद्ध सोने की पहचान है। भारत में सोने के आभूषणों में दुनिया के सर्वोत्तम मानक को नापने के लिए गोल्ड हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया गया है। ग्राहकों को नकली सोने की ज्वैलरी से बचाने के साथ-साथ ज्वैलरी कारोबार पर निगरानी रखने के लिए सरकार इसे अनिवार्य बनाने में जुटी है। नए नियम के मुताबिक सोना खरीदने और बेचने के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य होगा। वहीं हॉलमार्क वाले सोने को बेचने पर आपसे कोई डेप्रिसिएशन कॉस्ट नहीं काटा जाएगा।












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