होटल और रेस्तरां अब कस्टमर्स से नहीं वसूल सकेंगे सर्विस चार्ज, जानें नया आदेश
होटल और रेस्तरां अब कस्टमर्स से नहीं वसूल सकेंगे सर्विस चार्ज, जानें नया आदेश
नई दिल्ली, 04 जुलाई। अगर आप भी इस वीकेंड परिवार या दोस्तों संग बाहर होटल या रेस्तरां में लज़ीज लंच या डिनर पर जाने का प्लान कर रहे हैं तो आपके लिए ये खबर बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार के नए आदेश के अनुसार अब होटल और रेस्तरां वाले अपने कस्टमर्स को सर्विस शुल्क देने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे।

सर्विस चार्ज पर लगा प्रतिबंध
सरकार ने होटलों और रेस्तराओं को खाने के बिल के हिस्से के रूप में ग्राहकों को डिफ़ॉल्ट रूप से सेवा शुल्क का भुगतान करने के लिए कहने पर रोक दी है। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (सीसीपीए) की ओर से जारी एक आदेश में जारी किया गया है जिसमें होटल और रेस्टोरेंट के बिल में डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज लगाने पर प्रतिबंध है।
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जबरन टिप वसूलने की मिली थी बहुत शिकायतें
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को ये आदेश उन उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सेवा के नाम पर शुल्क वसूलने या दूसरे शब्दों में जबरन टिप देने के बारे में उपभोक्ता शिकायतों में वृद्धि के बाद जारी किए गया है।

होटल इस बात का उठा रहे थे फायदा
जबकि पहले कुछ भ्रम था जब उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने रेस्तरां और होटलों को सेवा शुल्क नहीं लेने के लिए कहा था। इससे पहले कोई स्पष्ट दिशानिर्देश नहीं थे और भारतीय राष्ट्रीय रेस्तरां संघ (एनआरएआई) ने तर्क दिया था कि सेवाओं के लिए शुल्क "कानूनी" था। जब तक सरकार एक कानूनी ढांचा नहीं बनाती।

जबरन वसूली पर उपभोक्ता कर सकेंगे यहां शिकायत
अब इस नए दिशानिर्देश से साफ हो चुका है कि उपभोक्ता से अब किसी भी सेवा शुल्क जबरन वसूला जाता है तो उसके खिलाफ राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर शिकायत दर्ज करवा सकेंगे। तुरंत और कुशल समाधान के लिए उपभोक्ता ई-दाखिल पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

सर्विस चार्ज कस्टमर्स के लिए वैकल्पिक होगा
इस नियम के अनुसार कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में डिफ़ॉल्ट रूप से सेवा शुल्क नहीं जोड़ेंगे। इसने कहा कि किसी अन्य नाम से सर्विस चाजर् वसूली नहीं होनी चाहिए। आदेश में कहा गया सेवा शुल्क के संग्रह के आधार पर सेवाओं के प्रवेश या प्रावधान पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। होटल और रेस्तरां अब ग्राहकों को सेवा शुल्क देने के लिए बाध्य नहीं कर सकते, बल्कि, यह एक वैकल्पिक विकल्प होगा। अगर वो चाहे तो दे सकता है।












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