Adani Group Shares: शेयर बाजार में धड़ाम हुए अडानी ग्रुप के शेयर, जानिए सभी 10 शेयर्स का हाल
Adani Group Shares: जिस तरह से एक बार फिर से अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग ने सेबी चीफ को कटघरे में खड़ा किया और अडानी ग्रुप के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है, उसके बाद आज अडानी ग्रुप के शेयर्स में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
बाजार खुलने के महज एक घंटे के भीतर अडानी ग्रुप के तमाम शेयरों में बिकवाली का दबाव स्पष्ट तौर पर देखने को मिला। ग्रुप के शेयरों में 2 फीसदी से लेकर 17 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली।

हालांकि जैसे-जैसे बाजार ने अपनी रफ्तार पकड़ी निवेशकों का भरोसा फिर से वापस लौटता दिखा। बावजूद इसके अडानी ग्रुप के अधिकतर शेयर लाल निशान पर ही ट्रेड कर रहे हैं।
सबसे बड़ी गिरावट अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में 17% की गिरावट आई। जबकि अडानी टोटल गैस में 13.39% की गिरावट आई। NDTV के शेयर में 11% की गिरावट आई, और अडानी पावर में BSE पर 10.94% की गिरावट आई।
शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में 17%
अडानी टोटल गैस में -13.39%
अडानी ग्रीन एनर्जी में -6.96%
अडानी विल्मर में -6.49%
अडानी एंटरप्राइजेज में -5.43%
अडानी पोर्ट्स में -4.95%
अंबुजा सीमेंट्स -2.53%
ACC में -2.42%
NDTV में -11%
अडानी पावर में -10.94%
हालांकि शुरुआती कारोबार के बाद अडानी ग्रुप के शेयर में अच्छी रिकवरी देखने को मिली। तमाम शेयरों में बिकवाली का दबाव कम हुआ और एक बार फिर से इनमें निवेशकों का भरोसा लौटता दिखाई दिया।
शुरुआती गिरावट के बाद अडानी ग्रुप के शेयर में रिकवरी
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस -3.99%
अडानी टोटल गैस में -4.54%
अडानी ग्रीन एनर्जी में -1.18%
अडानी विल्मर में -3.57%
अडानी एंटरप्राइजेज में -1.79%
अडानी पोर्ट्स में -2.24%
अंबुजा सीमेंट्स 1.15%
ACC में 1.11%
NDTV में -3.90%
अडानी पावर में -1.70%
अडानी ग्रुप ने सिरे से खारिज किए आरोप
बता दें कि अडानी समूह ने हिंडनबर्ग के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्हें दुर्भावनापूर्ण, शरारती और चालाकीपूर्ण करार दिया। उन्होंने दावा किया कि हिंडनबर्ग ने तथ्यों और कानूनी मानकों की अनदेखी करते हुए निजी लाभ के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के चुने हुए हिस्से का प्रयोग निजी लाभ के लिए किया।
अडानी समूह ने एक बयान में कहा, "हम अडानी समूह के खिलाफ इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हैं,ये आरोप पहले लगाए आरोपों की ही तरह बेबुनियाद हैं। इन आरोपों की पहले ही गहन जांच की गई है, जोकि निराधार साबित हुए हैं। इन आरोपों को सर्वोच्च न्यायालय मार्च 2023 में पहले ही खारिज कर चुका है।












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