Housing Loan : सपनों का आशियाना बनाना हुआ महंगा, एचडीएफसी हाउसिंग लोन का लेंडिंग रेट बढ़ा

घर बनाने के लिए हाउसिंग लोन का ऑप्शन चुनने वाले लोगों के लिए बुरी खबर है। एचडीएफसी ने हाउसिंग लोन का रिटेल प्राइम लेंडिंग रेट बढ़ा दिया है।

मुंबई, 7 मई : एचडीएफसी हाउसिंग लोन महंगा हो गया है। एचडीएफसी हाउसिंग लोन पर रिटेल प्राइम लेंडिंग रेट बढ़ाया जाएगा। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक एचडीएफसी (HDFC) ने हाउसिंग लोन पर अपनी रिटेल प्राइम लेंडिंग रेट को बढ़ाया है। यह 09 मई, 2022 से प्रभावी होगा। एचडीएफसी रिटेल प्राइम लेंडिंग रेट बढ़ने के बाद एडजस्टेबल रेट होम लोन को 30 बेसिस पॉइंट्स से बेंचमार्क किया गया है।

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बता दें कि गत दिनों रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए रेपो रेट में बढ़ोतरी कर दी। आरबीआई ने रेपो रेट को 4 फीसदी से बढ़ाकर 4.40 फीसदी कर दिया। रिजर्व बैंक के इस फैसले के बाद से अब बैंकों ने ग्राहकों को झटका देना शुरू कर दिया है। रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दर में बदलाव क‍िए जाने के बाद अब बैंकों ने रेपो रेट आधारित ब्याज दरों में बढ़ोतरी शुरू कर दी है। ताजा घटनाक्रम में एचडीएफसी रिटेल प्राइम लेंडिंग रेट बढ़ना इसी का असर है।

सबसे बड़ा ऋणदाता एचडीएफसी
दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा पॉलिसी रेपो रेट में बढ़ोतरी के ठीक तीन दिन बाद, हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (HDFC) ने शनिवार को अपने होम लोन में 0.30 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की। एचडीएफसी ने एक बयान में कहा, एचडीएफसी ने हाउसिंग लोन पर अपनी रिटेल प्राइम लेंडिंग रेट (आरपीएलआर) बढ़ा दी है, जिस पर उसके एडजस्टेबल रेट होम लोन (एआरएचएल) को 30 बेसिस पॉइंट्स तक बेंचमार्क किया गया है। बता दें कि एचडीएफसी पूंजी या सिक्योरिटी गिरवी रख कर पैसे देने वाला (mortgage lender) देश का सबसे बड़ा ऋणदाता है।

hdfc

इन बैंकों ने भी महंगा किया लोन
बता दें कि आरबीआई की ओर से 4 मई को घोषित नीतिगत दरों में बढ़ोतरी से पहले ही वित्तीय संस्थानों ने कर्ज की दरें बढ़ाना शुरू कर दिया था। एचडीएफसी ने गत 2 मई को रिटेल प्राइम लेंडिंग रेट में 0.05 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। यह फैसला सभी ग्राहकों पर प्रभावी होगा, भले ही लोन की राशि कितनी भी हो। एचडीएफसी के अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एक्सिस बैंक (Axis Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे अन्य बैंकों ने भी अपनी उधार दरों को बढ़ाने का ऐलान किया है।

2020 में आरबीआई ने की थी बड़ी कटौती
गौरतलब है कि गत 4 मई को, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) ने नीतिगत रेपो दर को 40 बेसिस प्वाइंट से बढ़ाकर 4.40 प्रतिशत करने का निर्णय लिया था। मई 2020 के बाद से नीतिगत रेपो दर में यह पहली वृद्धि रही। आरबीआई ने लगभग दो वर्षों तक प्रमुख नीतिगत दरों पर यथास्थिति बनाए रखी थी। कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के दौरान साल 2020 में आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने 27 मार्च, 2020 को नीतिगत रेपो रेट में 75 बेसिस प्वाइंट की बड़ी कटौती की थी। इसके बाद 22 मई को 40 बेसिस प्वाइंट और घटाए गए थे।

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