वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा-बनी हुई है अर्थव्यवस्था की चुनौती, जरूरत पड़ी तो देंगे एक और राहत पैकेज का डोज
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। देशव्यापी लॉकडाउन के कारण अप्रैल-जून तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 23.9 फीसदी की गिरावट आई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था एक अलग तरह की चुनौती से गुजर रही है। देश की इकोनॉमी को रिकवर करने की सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में वित्त मंत्री ने संकेत दिए हैं कि अगर जरुरत पड़ी तो सरकार एक और राहत पैकेज की घोषणा कर सकती है।

पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9% की गिरावट पर उन्होंने कहा कि हम मूल्याकंन कर रहे हैं, लेकिन अब तक हम किसी आंकड़े पर नहीं पहुंचे हैं। लॉकडाउन के कारण पहली तिमाही में जीडीपी पर गहरा असर पड़ा है। लेकिन जुलाई के बाद से दीरे-धीरे कुछ सेक्टर में सुधार आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूर अपने काम पर लौट रहे हैं। ये अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत हैंय़ उन्होंने कहा कि बीते 6 महीने में चुनौतियां कम नहीं हुई हैं, बल्कि इन चुनौतियों का नेचर बदल गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम उठाने के लिए हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं।
वित्त मंत्री ने कहा है कि सरकार में इसे लेकर कोई हिचकिचाहट नहीं है। हम सही समय पर प्रोत्साहन (Stimulus) देंगे। राहत पैकेज पर उन्होंने कहा कि हम सबकी सुन रहे हैं और अर्थव्यस्था के हर क्षेत्र की स्थिति का आंकलन कर रहे हैं। अगर जरूरत पड़ी तो हम जरूरत एक और प्रोत्साहन पैकेज लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूर अब वापस शहरों की तरफ लौट रहे हैं। गामेंर्ट्स, अपैरेल व निर्यात संबंधी इंडस्ट्रीज में श्रमिकों की वापसी से तेजी आएगी। घरेलू मांग की तुलना में विदेशी मांग बढ़ने की वजह से कुछ सेक्टर्स में काम अब तेजी से होगा।












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