छोटे कारोबारियों को सरकार ने दी राहत, रखी एक खास शर्त
सरकार ने यह घोषणा सोमवार देर रात ही कर दी थी, लेकिन मंगलवार को इसकी प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
नई दिल्ली। मंगलवार को अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके छोटे कारोबारियों को टैक्स में छूट दिए जाने की घोषणा के बारे में बताया। आपको बता दें कि सरकार ने यह घोषणा सोमवार देर रात ही कर दी थी, लेकिन मंगलवार को इसकी प्रेस कॉन्फ्रेंस की है।

मौजूदा आयकर कानून 1961 की धारा 44 एडी के अनुसार 2 करोड़ रुपए तक का कारोबार करने वाले कारोबारियों का अनुमानित मुनाफा (प्रिजंप्टिव प्रॉफिट) 8 फीसदी माना जाता है और इसी के आधार पर उन पर टैक्स भी लगाया जाता है।
अब सरकार ने छोटो कारोबारियों को राहत देते हुए एक नया ऐलान किया है, जिसके तहत उन पर टैक्स का भार कम पड़ेगा। हालांकि, इसके लिए सरकार ने कुछ शर्तें भी रखी हैं।
नए नियम के मुताबिक, अगर छोटे कारोबारी डिजिटल पेमेंट स्वीकार करते हैं तो 2 करोड़ तक का कारोबार करने वाले व्यापारियों का अनुमानित मुनाफा 6 फीसदी माना जाएगा।
इस तरह से अगर कोई छाटा कारोबारी डिजिटल पेमेंट स्वीकार करता है और 2 करोड़ रुपए तक का व्यापार करता है तो उसका अनुमानित मुनाफा 12 लाख रुपए माना जाएगा। वहीं दूसरी ओर, अगर वह डिजिटल पेमेंट स्वीकार नहीं करता है तो उसका अनुमानित मुनाफा 16 लाख रुपए माना जाएगा।
वित्त मंत्रालय की तरफ से यह साफ किया गया है कि जो लोग नकद में कारोबार करेंगे, वह सरकार द्वारा दी जा रही इस राहत का लाभ नहीं उठा सकेंगे और उन पर टैक्स का अधिक भार पड़ेगा।
मंत्रालय ने यह भी कहा है कि इस छूट के लिए आयकर कानून में वित्त विधेयक, 2017 के जरिए संशोधन किया जाएगा। सरकार की तरफ से यह कदम डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।












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