Gold Hallmarking: गोल्ड हॉलमार्किंग को लेकर बड़ा फैसला, फेस्टिव सीजन से पहले ज्वैलर्स को मिली बड़ी राहत
Gold Hallmarking: गोल्ड हॉलमार्किंग को लेकर बड़ा फैसला, फेस्टिव सीजन से पहले ज्वैलर्स को मिली बड़ी राहत
नई दिल्ली। Gold Hallmarking Rules. फेस्टिव सीजन से पहले देश के ज्वलैर्स को बड़ी राहत मिली है। देश के लाखों ज्वैलर्स के लिए गोल्ड हॉलमार्किंग को लेकर बड़ी राहतभरी खबर आई है। सरकार ने गोल्ड हॉलमार्किंग की अनिवार्यता को 3 महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। सरकार ने गोल्ड हॉलमार्किंग (Gold Hallmarking) की डेडलाइन को 3 महीने के लिए बढ़ा दिया है।

सरकार द्वारा गोल्ड हॉलमार्किंग की डेडलाइन को 30 नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है। पहले इसकी डेडलाइन 31 अगस्त तक थी, जिसे ज्वैलर्स की मांग को देखते हुए डेडलाइन को बढ़ाने का फैसला किया है। आपको बता दें कि देशभर के ज्वैलर्स ने इसके एक्सटेंशन की मांग की थी। जिसके बाद सरकार ने हॉलमार्किंग यूनिक आईडी (HUID) के नियमों में राहत देते हुए इसकी डेडलाइन को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया। गोल्ड हॉलमार्किंग के नियम केवल हॉलमार्किंग सेंटर तक ही लागू होंगे। ज्वैलर्स के लिए गोल्ड हॉलमार्किंग के लिए रजिस्ट्रेशन करना सबसे अधिक परेशानी का सबक हैं। ज्वैलर्स की मांग को देखते हुए सरकार ने कुछ यूनिट्स को अनिवार्य हॉलामार्किंग से छूट दी है। इसके मुताबिक अगर किसी ज्वैलर्स का सालाना कारोबार 40 लाख से अधिक का है तो उसे जरूरी हॉलमार्किंग से राहत मिली है। वहीं उन ज्वैलर्स को राहत मिली हैं, जो सरकार क ट्रेंड रूल के मुताबिक ज्लैवरी का एक्सपोर्ट-इंपोर्ट करते हैं।
जबकि सरकार ने देश के 256 जिलों में गोल्ड हॉलमार्किंग के नियम को अनिवार्य कर दिया है। सरकार ने 18 कैरेट, 22 कैरेटे , 20 कैरेट, 23 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड की हॉलमार्किंग की इजाजत मिली है। आपको बता दें कि सरकार ने 16 जून 2021 को ही गोल्ड हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया, लेकिन ज्वैलर्स लगातार इसका विरोध कर रहे थे और इसके लिए और वक्त मांग रहे थे। सरकार ने ज्वैलर्स की मांग को देखते हुए अब इसमें3 महीने का एक्टेंशन दिया है।












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