Go First Flights: क्या कंपनी की हालत में सुधार की गुंजाइश नहीं, कैंसिल होती विमान सेवाओं से भविष्य पर सवाल?
Go First Flights लगातार कैंसिल हो रही हैं। इस एयरलाइन की उड़ानें मई की शुरुआत से ही बंद है। आज यानी 31 जुलाई तक उड़ान रद्द करने की घोषणा को कंपनी की खस्ता हालत का सबूत माना जा रहा है।
विमान कैंसिल करने की अवधि को और बढ़ाने की घोषणा एयरलाइन ने रविवार को एक ट्वीट में की। गो फर्स्ट ने कहा, "परिचालन कारणों से, 31 जुलाई 2023 तक गो फर्स्ट उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। असुविधा के लिए हम माफी मांगते हैं।"

उड़ानों की सेवा के संबंध में गो फर्स्ट ने एक विस्तृत बयान भी जारी किया है। ट्वीट के साथ पोस्ट इस बयान में कहा गया है कि कंपनी ने तत्काल समाधान और परिचालन के पुनरुद्धार के लिए एक आवेदन दायर किया है।
देश की प्रमुख विमानन कंपनियों में शामिल गो फर्स्ट ने कहा, हम बहुत जल्द बुकिंग फिर से शुरू करने के बारे में आशावादी है। एयरलाइन ने कहा, उम्मीद है कि हम जल्द ही बुकिंग फिर से शुरू कर पाएंगे।
गो फर्स्ट ने कहा, हमें बताते हुए बहुत खेद हो रहा है कि परिचालन कारणों से, 31 जुलाई 2023 तक निर्धारित गो फर्स्ट की सभी उड़ानों को कैंसिल कर दिया गया है। हम मानते हैं कि उड़ान रद्द होने से आपकी योजनाएं बाधित हो सकती हैं।
तीन महीने से बंद हैं विमान सेवाएं
उड़ान रद्द होने से हुई असुविधा के लिए माफी मांगते हुए गो फर्स्ट ने कहा, हम सेवाओं के लिए प्रतिबद्ध हैं। कंपनी हर संभव सहायता करने का प्रयास कर रही है। बता दें कि करीब तीन महीने पहले, विगत 2 मई को, गो फर्स्ट ने पहली बार अपनी उड़ानें रद्द की थी।
राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष स्वैच्छिक दिवालियापन याचिका दायर करने वाली गो फर्स्ट के बेड़े में शामिल विमानों के बड़े हिस्से की ग्राउंडिंग हो चुकी है। पिछले 90 दिनों में कंपनी की उड़ानें लगातार कैंसिल करनी पड़ी हैं।
अमेरिकी इंजन निर्माता, प्रैट एंड व्हिटनी ने गो फर्स्ट पर दायित्वों (पैसों का भुगतान) को तुरंत पूरा करने में असमर्थता के कारण देरी का आरोप लगाया था।पिछले शुक्रवार को डीजीसीए ने बंद पड़ी एयरलाइन गो फर्स्ट को अपना परिचालन फिर से शुरू करने की सशर्त अनुमति दी थी।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा था कि गो फर्स्ट अंतरिम फंडिंग की उपलब्धता और नियामक द्वारा उड़ान कार्यक्रम की मंजूरी पर निर्धारित उड़ान संचालन फिर से शुरू कर सकता है।
नियामक ने 15 विमानों और 114 दैनिक उड़ानों के संचालन की अनुमति दी थी। इस एयरलाइन कंपनी में लगभग 4,200 कर्मचारी हैं, और इसने वित्तीय वर्ष 2021-22 में परिचालन से कुल राजस्व 4,183 करोड़ रुपये बताया।
ऐसी रिपोर्ट्स भी सामने आई थीं कि गो फर्स्ट की उड़ानें बंद होने से हवाई किराए पर दबाव पड़ा, खासकर उन चुनिंदा मार्गों पर जहां इसका प्रभाव था। हालांकि, सरकार ने कंपनियों से किराए पर अंकुश लगाने की अपील भी की।












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