Adani Vs Ambani: 5G पर आमने-सामने भारत के दो सबसे बड़े रईस, अंबानी-अडानी के बीच टेलीकॉम वॉर से सरकार को फायदा
5G पर आमने-सामने अंबानी-अडानी, शुरू होगा टेलीकॉम वॉर
नई दिल्ली। भारत के दो सबसे बड़े रईस आमने-सामने आ चुके हैं। 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में गौतम अडानी की इंट्री होने के बाद से अब ये नीलामी बेहद दिलचस्प हो गई है। गौतम अजानी जो अब तक हवाईअड्डे और बंदरगाहों के मालिक थे अब उन्होंने भी 5जी में दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी है। अडानी समूह का टेलीकॉम से कोई नाता नहीं था, लेकिन अब गौतम अडानी भी 5G स्पेक्ट्रम के लिए बोली लगाएंगे। इस नीलामी में गौतम अडानी के आने के बाद से ये मुकाबला सीधे-सीधे रिलायंस इंडस्ट्री के मालिक मुकेश अंबानी और अडानी समूह के मालिक गौतम अडानी के बीच हो गया है।

आमने-सामने आए अंबानी-अडानी
5जी की नीलामी में एयरटेल और वोडाफोन के अलावा अब गौतम अडानी भी शामिल हो गए हैं। अडानी समूह ने खुद इस बात की जानकारी दी थी। अडानी अपनी सहयोगी कंपनी अडानी डेटा नेटवर्क्स के जरिए 5जी की नीलामी में हिस्सा लेंगे। अडानी की इस कंपनी का कुल नेटवर्थ 248.35 करोड़ रुपए है, जो अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की पूर्णत स्वामित्व वाली कंपनी है।

26 जुलाई को नीलामी
हाई स्पीड इंटरनेट देने वाली 5जी स्प्रेक्ट्रम की नीलामी 26 जुलाई से शुरू होने वाली है। जिसमें अडानी की एंट्री ये ये मुकाबला दिलचस्प हो गया है। भले ही अडानी समूह ये दावा कर रहा है कि उसका इरादा कंज्यूमर मोबिलिटी सेक्चर में जाने का नहीं है, बल्कि वो अपनी कंपनी के निजी इस्तेमाल के लिए स्पेक्ट्रम की खरीद करना चाहती है, लेकिन बाजार जानकारों का कहना है कि अडानी समूह देर-सवेर कंज्यूमर मोबिलिटी में प्रवेश कर सकती है। जानकारी मानते हैं कि अडानी समूह टेलिकम्युनिकेशंस सेक्टर में धमाकेदार एंट्री की तैयारी कर रही है। जिस तरह से अंबानी ने जियो के जरिए साल 2016 में टेलिकॉम सेक्टर में एंट्री मारी थी उसी तरह का कुछ बड़ा अडानी कर सकते हैं।

अडानी-अंबानी की टेलीकॉम वॉर से सरकार को फायदा
गौतम अडानी की एंट्री 5जी स्पेक्ट्रम में होने के बाद से अंबानी -अडानी आमने-सामने हैं, लेकिन इससे सरकार की चांदी होने वाली है। सरकार को ज्यादा रेवेन्यू मिलेगा। 5जी स्पेक्ट्रम के जरिए सरकार टेलीकॉम सेक्टर को और बेहतर बनाएगी। इसके लिए 5जी स्पेक्ट्रेम की नीलामी की जा रही है, जो 26 जुलाई से शुरू होगी। इस नीलामी में कुल 4 कंपनियां शामिल होने जा रही है। माना जा रहा है कि जियो 55 से 60 हजार करोड़ की बोली लगा सकती है, जबकि भारती एयरटेल 5जी के लिए 50000 हजार करोड़ की कीमत की बोली लगा सकती है। वहीं अडानी समूह सबसे बड़ा सरप्राइज है। अडानी की एंट्री से एक बात तो तय है कि सरकार को अच्छा रेवेन्यू मिलेगा।

अडानी लगा सकते हैं 15000 करोड़ की बोली
ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक अडानी नेटवर्क्स 13000 से 15000 करोड़ की बोली लगा सकती है। जबकि भारी नकदी संकट से जूझ रही वोडाफोन-आइडिया 5000-6000 करोड़ रुपए की बोली लगा सकती है। माना जा रहा है कि अडानी के प्रवेश से स्पेक्ट्रम की बोली महंगी हो सकती है।












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