अप्रैल 2019 से बाजार के आधार पर तय होंगी होम लोन की ब्याज दरें

नई दिल्ली। होम लोन लेने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को कहा है कि अप्रैल से होम लोन की प्राइसिंग बैंक नहीं बल्कि बाजार के आधार पर तय होगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई ने यह घोषणा की है कि अप्रैल 2019 से बैंकों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह सभी फ्लोटिंग रेट के लोन्स को बाहरी बेंचमार्क के आधार पर तय करें।

From April 2019, home loans rates to be decided by markets, customers big profit

रिजर्व बैंक के इस फैसले का सीधा मतलब है कि आरबीआई जब भी ब्याज दरों मे कमी करेगा उसके बाद सभी बैंकों को अपने कर्ज की दरों को एक कॉमन बेंचमार्क के आधार पर तय करना होगा। उन्हें इसका स्प्रेड लोन की पूरी अवधि में एक समान ही रखना होगा। इस लोन को या तो आरबीआई के पॉलिसी रेपो रेट या फिर फाइनेंशल बेंचमार्क इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से मुहैया कराए जाने वाले भारत सरकार के 91 दिनों की ट्रेजरी बिल यील्ड या एफआईआईएल की ओर से पेश किए जाने वाले भारत सरकार के 182 दिनों के ट्रेजरी यील्ड या किसी अन्य बेंचमार्क मार्केट इंटरेस्ट रेट से लिंक करना होगा।

अप्रैल 2019 के बाद बैंक पर्सनल और एसएमई लोन्स को इससे लिंक करें
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी गर्वनर एनएस विश्वनाथन ने कहा है कि लोन पर ट्रांसपैरेंसी को बढ़ाने की दिशा में आगे कदम बढ़ाए जा रहे हैं। इसके तहत कर्ज पर ब्याज दरों को अप्रैल 2016 में बेस रेट की जगह मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेडिंग रेट्स से लिंक किया गया था। और अब बैंकों के लिए यह अनिवार्य किया जा रहा है कि अप्रैल 2019 के बाद बैंक पर्सनल और एसएमई लोन्स को इससे लिंक करें।

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