क्या होता है Economic Survey, क्यों बजट से 1 दिन पहले किया जाता है पेश, जानें आर्थिक सर्वेक्षण बारे में
क्या होता है Economic Survey, क्यों बजट से 1 दिन पहले किया जाता है पेश, जानें आर्थिक सर्वेक्षण बारे में विस्तार से
नई दिल्ली, 30 जनवरी। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए बजट पेश करेंगी। बजट से एक दिन पहले यानी 31 जनवरी को मोदी सरकार इकोनॉमिक सर्वे पेश करेगी। कल वित्तीय वर्ष 2021-22 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। संसद में बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के संबोधन के साथ होगा, जिसके बाद वित्त मंत्री आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा।

क्या होता है इकोनॉमिक सर्वे
इकोनॉमिक सर्वे देश के आर्थिक विकास का पूरा लेखा जोखा होता है। ये वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक ऐसा सालाना दस्तावेज होता है, जिसमें अर्थव्यवस्था से संबंधित आधिकारिक और सभी डेटा शामिल होता है। इसे के आधार पर यह देखा जाता है कि पिछले एक साल में देश की अर्थव्यवस्था कैसी रही। बीते साल कितना नुकसान, कितना लाभ हुआ इसका पूरा आंकलन आर्थिक सर्वे में होता है। इसी इकोनॉमिक सर्वे के आधार पर यह तय होता है कि आने वाला साल अर्थव्यवस्था किस तरह से रहेगी। आर्थिक सर्वेक्षण मुख्य आर्थिक सलाहकार की देरदेख में तैयार किया जाता है और वित्त मंत्री की मंजूरी के बाद पेश किया जाता है।
आर्थिक चुनौतियों का पूरा ब्यौरा
इकोनॉमिक सर्वे में देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े तमाम सेक्टर्स के प्रमुख ट्रेंड्स और पिछले साल के दौरान उनकी फायदे-नुकसान की पूरी जानकारी होती है। इसके अलावा इसमें आर्थिक चुनौतियों और उनसे निपटने के तरीकों को भी पेश किया जाता है। इकोनॉमिक सर्वे के जरिए देश का आम आदमी भी देश की अर्थव्यवस्था और उसके आर्थिक हालात को समझ सकता है। इसके अलावा जानकार आर्थिक सर्वे को देखकर अंदाजा लगा लेते हैं कि सरकार का बजट इस बार किस तरह का होगा या किस सेक्टर पर फोकस होगा। इस आर्थिक सर्वेक्षण में सरकार कैश सप्लाई ट्रेंड, एग्रीकल्चर, इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन, डॉब्स, एक्सपोर्ट, इपोर्ट, फॉरन करेंसी आदि की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी देती है।












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