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Budget 2026 Kya Sasta Kya Mahanga List: दाल-तेल-दूध के साथ रसोई में क्या-क्या महंगा होगा? जेब पर कितना डाका?

Budget 2026 Kya Sasta Kya Mahanga List: केंद्रीय बजट 2026 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) अपना नौवां बजट पेश करेंगी। पिछले साल के बजट में उपभोग को बढ़ावा देने के लिए आयकर में राहत और जीएसटी दरों में बदलाव किए गए थे, लेकिन 2026 में फोकस राजकोषीय मजबूती, रक्षा, एमएसएमई और ग्रीन एनर्जी पर रहेगा।

लेकिन बड़ा सवाल महंगाई का है - एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि 2026 में फूड इन्फ्लेशन मॉडरेट राइज करेगा, जिससे रसोई के आइटम्स जैसे दाल, तेल, दूध और सब्जियां महंगी हो सकती हैं। रुपये की कमजोरी, आयात निर्भरता और वैश्विक अनिश्चितताओं से दबाव बढ़ेगा। 2025 बजट में इन्फ्लेशन कंट्रोल पर फोकस था, लेकिन 2026 में कैपेक्स बढ़ाने से मांग बढ़ सकती है, जो प्राइस हाइक का कारण बनेगी। आइए, इस रिपोर्ट में महंगाई की लिस्ट, 2025 vs 2026 बजट की तुलना और डीप एक्सप्लेनर (टाइमलाइन, चार्ट, इमेजेस) के साथ विस्तार से समझते हैं....

Budget 2026 Kya Sasta Kya Mahnga List

Budget 2026 Expectations: बजट 2026 की उम्मीदें- ग्रोथ कंटिन्यू लेकिन महंगाई का खतरा

बजट 2026 में सरकार की प्राथमिकताएं राजकोषीय अनुशासन, सेक्टर-लेड इन्वेस्टमेंट और टैक्स सर्टेनिटी पर होंगी। डेलॉइट और EY जैसी एजेंसियों के अनुसार, कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) बढ़ेगा, जो इन्फ्रा और एमएसएमई को बूस्ट देगा। लेकिन इसका साइड इफेक्ट महंगाई हो सकता है। रुपये का अवमूल्यन (डॉलर के मुकाबले कमजोरी) आयातित सामानों जैसे खाद्य तेल और दालों को महंगा करेगा। ICRA का अनुमान है कि सीमेंट जैसे आइटम्स 6-7% महंगे होंगे, जो कंस्ट्रक्शन और हाउसिंग को प्रभावित करेगा।

2025 बजट में इन्फ्लेशन 1.61% से 2.07% तक रहा, जो रिकॉर्ड लो था। लेकिन 2026 में फूड इन्फ्लेशन 2-4% तक बढ़ सकता है, क्योंकि डिफ्लेशन (महंगाई में कमी) का दौर खत्म हो रहा है। क्रिसिल के डीके जोशी कहते हैं कि GST कट्स, लो फूड इन्फ्लेशन और IT राहत से घरेलू खपत बढ़ेगी, लेकिन ग्लोबल स्टॉर्म्स (भू-राजनीतिक तनाव) महंगाई बढ़ाएंगे। लेमन मार्केट्स के गौरव गर्ग का कहना है कि इंटरेस्ट कॉस्ट बजट का बड़ा हिस्सा है, जो ग्रोथ को रोक रहा है।

Kitchen Items Inflation: क्या-क्या महंगा हो सकता है? देखें लिस्ट

Budget 2026 Kya Sasta Kya Mahnga

2026 में वैश्विक अनिश्चितताएं, रुपये की कमजोरी और बजट में कैपेक्स बढ़ाने से मांग बढ़ेगी, जो प्राइस हाइक का कारण बनेगी। फूड इन्फ्लेशन मॉडरेट राइज करेगा, जिससे रसोई बजट पर असर पड़ेगा। यहां मुख्य आइटम्स की लिस्ट और वजहें:

  • दालें: 10-15% महंगी। आयात निर्भरता (कनाडा, ऑस्ट्रेलिया से) और रुपये की कमजोरी से दाम बढ़ेंगे। 2025 में डिफ्लेशन था, लेकिन 2026 में मांग बढ़ने से प्राइस हाइक।
  • खाद्य तेल (एडिबल ऑयल): 8-12% बढ़ोतरी। इंडोनेशिया, मलेशिया से आयात, ग्लोबल प्राइस बढ़ने से असर। 2025 में ऑयल प्राइस 132% बढ़े थे, 2026 में भी ट्रेंड जारी।
  • दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स: 5-8% महंगे। फीड कॉस्ट (चारा) बढ़ने से। ICRA के अनुसार, फूड इन्फ्लेशन 2026 में 6-7% तक, जिसमें डेयरी बड़ा रोल।
  • सब्जियां और फल: 15-20% तक। मौसम अनिश्चितता और ट्रांसपोर्ट कॉस्ट से। टमाटर, प्याज जैसी सब्जियां पहले से महंगी, 2026 में और दबाव।
  • चावल और गेहूं: 4-6% बढ़ोतरी। मांग बढ़ने और एक्सपोर्ट पॉलिसी से। राइस इन्फ्लेशन 2025 में बढ़ा था, 2026 में जारी।
  • चीनी और मसाले: 5-10%। ग्लोबल कमोडिटी प्राइस से असर। चीनी पर GST कट्स हो सकते हैं, लेकिन ओवरऑल महंगाई बढ़ेगी।
  • अन्य: आटा, नमक, चाय-कॉफी 3-5% महंगे। इंपोर्टेड सामान पर रुपये की कमजोरी से।

सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रसेन्स के सीईओ संजय कुमार कहते हैं कि मुद्रा कमजोरी और कम FDI से दाल-तेल 2026 में महंगे रहेंगे। कुमार का अनुमान: फूड इन्फ्लेशन 60-70% कॉस्ट पर असर डालेगा।

Budget 2025 Vs Budget 2026 Comparison: कितना अलग? तुलना और प्रभाव

2025 बजट में फोकस इन्फ्लेशन कंट्रोल, टैक्स राहत और उपभोग बूस्ट पर था। 2026 में ग्रोथ कंटिन्यू लेकिन फिस्कल डेफिसिट 4.4% से कम करने पर जोर। यहां मुख्य डिफरेंस:-

  • 2025: GDP ग्रोथ 6.4%, इन्फ्लेशन लो (1.61%), कैपेक्स 1.5 लाख करोड़ राज्यों को, नई टैक्स स्कीम (12 लाख तक जीरो टैक्स)।
  • 2026: GDP ग्रोथ 7.4%, इन्फ्लेशन राइज (2-4%), कैपेक्स बढ़ा (रेलवे 2.65 लाख करोड़), टैक्स रिफॉर्म्स लेकिन कोई बड़ा चेंज नहीं। फोकस डिफेंस, ग्रीन एनर्जी।
  • 2025 में फूड डिफ्लेशन था, 2026 में राइज। रेलवे ने 2025-26 बजट का 80% इस्तेमाल कर लिया, 2026 में और बढ़ोतरी। ICRA के अनुसार, सीमेंट डिमांड 6-7% बढ़ेगी, जो कंस्ट्रक्शन महंगा करेगी। EY इंडिया: टैक्स सर्टेनिटी और सेक्टर इन्वेस्टमेंट पर फोकस।

Budget 2025 से 2026 तक Deep Explainer Timeline-

  • फरवरी 2025: बजट 2025 पेश - टैक्स राहत, कैपेक्स 1.5 लाख करोड़, इन्फ्लेशन कंट्रोल।
  • अगस्त 2025: CPI इन्फ्लेशन 2.07%, किचन आइटम्स महंगे (ऑयल 132%)।
  • अक्टूबर 2025: फूड इन्फ्लेशन लो (0.25%), लेकिन 2026 में राइज की चेतावनी।
  • दिसंबर 2025: GDP ग्रोथ 7.4% अनुमान, फूड डिफ्लेशन खत्म।
  • जनवरी 2026: बजट 2026 एक्सपेक्टेशंस - कैपेक्स बढ़ा, इन्फ्लेशन 2-4%।
  • फरवरी 2026: बजट पेश - महंगाई पर फोकस?

इन्फ्लेशन चार्ट: किचन आइटम्स का ट्रेंड

budget-2026-kya-sasta-kya-mahnga-list

यह चार्ट दिखाता है कि 2025 में फूड इन्फ्लेशन लो रहा, लेकिन 2026 में राइज अनुमानित। दाल-तेल जैसे आइटम्स पर असर।

महंगाई से निपटने के टिप्स और सरकार की चुनौतियां

बजट 2026 में महंगाई कंट्रोल के लिए GST रेशनलाइजेशन और एक्सपोर्ट बूस्ट हो सकता है, लेकिन ग्लोबल फैक्टर्स से रिस्क रहेगा। घरेलू स्तर पर लोकल प्रोडक्ट्स यूज करें, बल्क बाइंग से बचत। 2025 से अलग, 2026 में फोकस ग्रोथ पर, लेकिन इन्फ्लेशन मॉनिटरिंग जरूरी। सरकार को MSME और कृषि पर निवेश बढ़ाना चाहिए। अगर महंगाई बढ़ी, तो मिडल क्लास पर बोझ। हमारा अनुमान - 2026 में रसोई बजट 10-15% बढ़ सकता है।

(नोट- 2026-27 का बजट 1 फरवरी को पेश होगा। उससे पहले यह रिपोर्ट सिर्फ कयासों पर आधारित है। इनपुट सोर्स-फाइनेंशियल एक्सप्रेस, फ्यूचर इंडिया)

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