MUST READ: कैश में लेन-देन करने वालों के लिए बड़ी खबर, मोदी सरकार कैश ट्रांजैक्शन के नियमों में करने जा रही है बदलाव
नई दिल्ली। अगर आप भी कैश में लेन-देन करते हैं तो जल्द ही कैश ट्रांजैक्शन के नियम में बदलाव होने जा रहा है। केंद्र की मोदी सरकार कैश में लेन-देन को लेकर नए नियम बनाने जा रही है। मोदी सरकार भारतीय अर्थव्यवस्था में कैश लेनदेन को कम करने और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए नया प्लान बना रही है, जिसके बाद कैश में लेन-देन करने के लिए नियमों में बदलाव होगा।

कैश लेन-देन में बदलाव
मोदी सरकार जल्द ही कैश लेन-देन के लिए नियम ला रही है। नए नियम के तहत ज्यादा कैश जमा करने या निकासी पर PAN के साथ आधार वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। मतलब आप बिना पैन कार्ड और आधार के कैश में लेन-देन नहीं कर सकेंगे। सरकार आधार वेरिफिकेशन के लिए बायोमेट्रिक टूल या फिर वन टाइम पासवर्ड का विकल्प दे सकती है।

क्या होगी कैश ट्रांजैक्शन की सीमा
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक सरकार का ये नियम एक सीमा से अधिक के कैश ट्रांजैक्शन के लिए होगा। सरकार ने फाइनेंस बिल में कुछ संशोधन किया है। जिसके मुताबिक तय सीमा से ज्यादा फॉरेन एक्सचेंज के लिए अब तक PAN की जरूरत थी, लेकिन नए नियम के मुताबिक ज्यादा कैश जमा करने पर या लेन-देन करने पर अब सिर्फ पैन कार्ड या फिर आधार कार्ड से काम नहीं चलेगा। मोदी सरकार के नए नियम के मुताबिक अब कैश ट्रांजैक्शन के लिए आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। माना जा रहा है कि इसकी सीमा 20 से 25 लाख रुपए के बीच होगी।

प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री के लिए
सरकार के नए नियम से बड़े ट्रांजैक्शन में अब आपको आधार और पैन कार्ड की अनिवार्यता होगी, लेकिन छोटे ट्रांजैक्शन करने वालों को कोई परेशानी नहीं होगी। सरकार का मकसद बड़े ट्रांजैक्शन करने वालों का पता लगाना है। अभी बड़े लेनदेन के लिए पैन नंबर देना अनिवार्य है, लेकिन एक सीमा तय होने के बाद पैन नंबर के साथ आधार भी दिखाना होगा। इतना ही नहीं कैश ट्रांजैक्शन के अलावा एक तय सीमा से ज्यादा की प्रॉपर्टी के लेनदेन में भी आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया जा सकता है। सरकार ने पैन के जरिए हो रही फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य करने का फैसला किया है।












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