सहारा के बाद सेबी का नया निशाना बना कानपुर स्‍टॉक एक्‍सचेंज

Uttar Pradesh
कानपुर। उत्‍तर प्रदेश का अकेला और देश के सबसे बेहतरीन रीजनल एक्‍सचेंजों में से एक यूपी स्‍टॉक एक्‍सचेंज अब इतिहास के पन्‍नों में दर्ज होगा। सेबी की कठिन शर्तों के खिलाफ एक्‍सचेंज की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। इस फैंसले के साथ रीजनल प्‍लेटफॉर्म बंद हो जाएगा। एक्‍सचेंज के निदेशकों और ब्रोकरों की जल्‍द बैठक होगी। रीजनल एक्‍सचेंजों पर सेबी ने बेहद कठिन शर्तें थोप दी हैं। इसकी वजह से 22 में से 18 रीजनल एक्‍सचेंज बंद हो चुके हैं।

गुजरात, यूपी, एमपी, कोलकाता स्‍टॉक एक्‍सचेंज ने बंदी के बजाय सेबी की शर्तों को ही अपनी चुनौती दी थी। इसकी अगुवाई अपनाएक्‍सचेंज कर रहा था। मामले की सुनवाई हाईाकेर्ट में चल रही थी। अदालत ने हाल में ही फैसला सुनाते हुए एक्‍सचेंज की याचिका खारिज कर दी। इसी के साथ यूपी स्‍टॉक एक्‍सचेंज बंद हो जाएगा। इसमें बीएसई और एनएसई की सब्सिडरी चलेगी। 1982 में कानपुर में एक्‍सचेंज की स्‍थापना प्रसिद्ध उद्योगपति गौर हरि सिंहानिया के प्रयासों से हुई थी और तत्‍कालिक वित्‍त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने उद्घाटन किया था। बाद में नई इमारत का श्रीगणेश 8 फरवरी 1989 को देश के तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति आर वेंकटरमण ने किया था।

सेबी की इन शर्तों की वजह से आए हैं ऐसे दिन

रीजनल ऐक्‍सचेंजों का सालाना टर्नओवर 1 हजार करोड़ रुपए होना चाहिए।
इसमें बीएसई, एनएसई के कारोबारों को नहीं जोड़ा जाएगा।
रीजनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज की नेटवर्थ 100 करोड़ हो, जिसमें इमारत की कीमत शामिल नहीं होगी।
शेयर ब्रोकरों का बोर्ड में किसी तरह का दखल नहीं होगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+