केरल में निवेश की सुनामी! अडानी ग्रुप करने जा रहा ₹30,000 करोड़ रुपये का निवेश, मालामाल होगा प्रदेश
केरल के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अडानी पोर्ट्स एंड एसईज़ेड लिमिटेड (Adani Ports and SEZ Ltd.) ने राज्य में आगामी पांच वर्षों में ₹30,000 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश इन्वेस्ट केरल ग्लोबल समिट 2025 में सामने आया जिसमें प्रमुख रूप से बंदरगाहों के विकास, हवाई अड्डों के विस्तार और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दिया जाएगा। यह अडानी ग्रुप की केरल के कायाकल्प के प्रति कमिटमेंट को दर्शाता है।

विशिंजम बनेगा भारत का सबसे बड़ा ट्रांसशिपमेंट हब
इस निवेश योजना का सबसे बड़ा हिस्सा ₹20,000 करोड़ का है, जो विशिंजम पोर्ट के विकास पर खर्च किया जाएगा। यह बंदरगाह रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक पर स्थित है और पहले ही 24,000 कंटेनरों की क्षमता वाले जहाज को संभालकर इतिहास रच चुका है। ध्यान देने वाली बात है कि यह किसी भारतीय बंदरगाह पर डॉक करने वाला अब तक का सबसे बड़ा जहाज है।
इस संबंध में अडानी पोर्ट्स एंड एसईज़ेड लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर करन अडानी ने कहा, "हमारा लक्ष्य विशिंजम को एक वैश्विक ट्रांसशिपमेंट हब बनाना है, जो भारत के समुद्री परिदृश्य को पुनर्परिभाषित करेगा।" अडानी ग्रुप पहले ही इस परियोजना में ₹5,000 करोड़ का निवेश कर चुका है जो केरल की तटीय अर्थव्यवस्था के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
केरल की हवाई कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का विस्तार
बंदरगाहों के अतिरिक्त, अडानी ग्रुप तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रिनोवेशन के लिए ₹5,500 करोड़ का निवेश करेगा। इस विस्तार से इसकी यात्री क्षमता 4.5 मिलियन से बढ़कर 12 मिलियन हो जाएगी, जिससे केरल की कनेक्टिविटी, पर्यटन और व्यापार को मजबूती मिलेगी। इसके अतिरिक्त, कोच्चि में एक विश्व स्तरीय लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स हब तथा सीमेंट निर्माण सुविधाओं के विस्तार की भी योजना है, जिससे केरल की औद्योगिक नींव और मजबूत होगी।
केरल का प्रो-बिजनेस शिफ्ट और अडानी का समर्थन
समिट के दौरान करन अडानी ने केरल की ऐतिहासिक व्यापारिक विरासत की सराहना की जिसकी जड़ें प्राचीन मुज़िरिस पोर्ट तक जाती हैं। उन्होंने राज्य में व्यापार करने में आई सुगमता और स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास की प्रशंसा की, केरल को विकास के लिए एक मॉडल करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी की भी सराहना की। याद रहे कि प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने विशिंजम परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
करन अडानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' विजन को दोहराते हुए कहा, "एक विकसित भारत के लिए मजबूत क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं की आवश्यकता है, और केरल इस बात का आदर्श उदाहरण है कि कैसे रणनीतिक निवेश प्रगति को गति दे सकते हैं।" उन्होंने अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी को उद्धृत करते हुए कहा, "इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र का मकसद राष्ट्र के लिए संपत्तियां बनाना और राष्ट्र-निर्माण में योगदान देना है।"
केरल का बिजनेस-फ्रेंडली बदलाव
इन्वेस्ट केरल ग्लोबल समिट 2025 राज्य के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हो रही है, जिससे केरल की पहले की कारोबारी बाधाओं वाली छवि बदल रही है। राज्य सरकार के उद्योग विभाग ने निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने और नौकरशाही बाधाओं को खत्म करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा, "हमारे द्वारा किए गए बदलाव मात्र सतही नहीं, बल्कि बुनियादी स्तर पर हैं। हमने सुनिश्चित किया है कि केरल में आने वाले किसी भी निवेशक को प्रक्रियागत देरी या लालफीताशाही का सामना नहीं करना पड़े।" समिट में 28 सत्र और छह देशों के प्रतिनिधियों समेत 3,000 से अधिक प्रतिभागियों की मौजूदगी केरल की निवेश अनुकूल नीति को दर्शाती है।
केरल के भविष्य के लिए गेम-चेंजर
अडानी ग्रुप की इस विशाल निवेश योजना से केरल में आर्थिक समृद्धि का नया युग शुरू होने जा रहा है। आधारभूत संरचना को आधुनिक बनाकर, वैश्विक कनेक्टिविटी बढ़ाकर और हजारों नौकरियों का सृजन करके, ये परियोजनाएं केरल को वैश्विक आर्थिक मंच पर मजबूती से स्थापित करेंगी।












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