Rat Murder Case: चूहे को मारने वाले शख्स के खिलाफ कोर्ट में दाखिल हुई 30 पन्नों की चार्जशीट, अब चलेगा केस
Rat Murder Case: बदायूं जिले में 20 नवंबर 2022 को चूहे की हत्या मामले में पुलिस ने 10 अप्रैल को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। 30 पन्नों की चार्जशीट को कोर्ट ने स्वीकार करते हुए केस चलाने का आदेश दिया है।

Rat Murder Case: 25 नवंबर 2022 को उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक शख्स ने चूहे की पूंछ में पत्थर बांधकर उसे नाले में डुबो दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में अब बदायूं पुलिस ने शख्स के खिलाफ 30 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट को कोर्ट ने 10 अप्रैल को स्वीकार कर लिया, अब चूहे की हत्या करने वाले शख्स के खिलाफ केस चलेगा।
इस बाबत बदायूं थाने के दरोगा राजेश यादव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि चूहे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पशु क्रूरता आई है। इसलिए आरोपी मनोज के खिलाफ धारा 429 में केस दर्ज 30 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। चार्जशीट को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया हैं। बता दें कि, 25 नवंबर 2022 को पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा बदायूं के गांधी ग्राउंड चौराहे के पास से गुजर रहे थे।
इस दौरान उन्हें मनोज कुमार नाम का एक शख्स चूहे की पूंछ में पत्थक बांधकर नाले में डुबाते हुए दिखाई दिया था, जिसका उन्होंने वीडियो बना लिया। इसके बाद विकेंद्र चूहे को बचाने के लिए नाले में कूद गए और चूहे को बाहर निकाला। तब तक चूहे की मौत हो चुकी थी। इसके बाद विकेंद्र ने इस मामले की शिकायत बदायूं सदर कोतवाली में की। शिकायत मिलने के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने चूहे के शव को सील कर दिया और बदायूं के पशु चिकित्सालय में भेज दिया।
हालांकि, वहां संसाधनों का अभाव बताते हुए चूहे का पोस्टमॉर्टम करने से इनकार कर दिया गया था। इसके बाद बदायूं पुलिस ने बरेली के आईवीआरआई में चूहे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। बता दें, चूहे का पोस्टमॉर्टम होने का यह पहला मामला है। आईवीआरआई के जांइट डायरेक्टर डॉ केपी सिंह ने बताया कि दो वैज्ञानिक की टीम जिसमें डॉ अशोक कुमार और डॉ पवन कुमार ने पोस्टमॉर्टम किया।
पोस्टमॉर्टम में रिपोर्ट में सामने आया था कि चूहे के फेफड़े फूले हुए थे और उसके लीवर में भी कुछ दिक्कत थी। इसके बाद फेफड़ों की माइक्रो स्कोपीलॉजी जांच कराई गई। जिसमें चूहे के फेफड़ों में नाली के पानी की कोई गंदगी नहीं मिली, लेकिन फेफड़े की मांसपेशियां फटी हुई थी। चूहें के लीवर में पहले से इंफेक्शन भी था। वैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुंचे की चूहे की मौत दम घुटने से हुई है।
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मरने से पहले जोर-जोर से सांस लेने के कारण फेफड़े की नली फटी हुई थी। हालांकि, आरोपी मनोज का कहना कि चूहा मारकर उसने कोई गलत काम नहीं किया। चूहा उसका नुकसान कर रहा था, उसका कहना था कि अगर चूहें मारने पर कार्रवाई की जा सकती हैं, फिर बकरा और मुर्गा काटने पर भी केस होना चाहिए। हालांकि, बाद में उसने माफी मांगी थी।












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