'पहले लगा कोई जानवर है', छत पर कॉफी पी रही थी महिला, तभी आसमान से आई आफत और फिर...
Woman hit by meteorite: मैंने बहुत ही तेज आवाज सुनी... ये लफ्ज उस महिला के हैं, जो एक बड़े से उल्का पिंड से टकराई। सुनने में ये बात भले अजीब लगे लेकिन सच है। जी हां! कॉफी पी रही महिला से अचानक एक उल्कापिंड जा टकराया।
उल्कापिंड छत पर जाकर उछला और महिला की छाती से जा टकराया। ये बात अपने आप में बेहद हैरत भरी है क्योंकि करोड़ों साल में ऐसा देखने को मिलता है कि उल्कापिंड किसी इंसान से टकराया हो।

फ्रेंच अखबार les dernières nouvelles d'alsace के मुताबिक, फ्रांस में एक महिला छत पर अपने दोस्त के साथ कॉफी का आनंद लेते हुए एक उल्कापिंड की चपेट में आ गई। ये घटना उत्तरपूर्वी फ्रांस के शिरमेंक कम्यून में हुई। महिला ने बताया कि उसने बहुत तेज आवाज सुनी और उसकी पसलियों में झटका भी लगा। शुरू में तो उसे लगा कि ये कोई जानवर है।
इसके बाद रहस्यमयी चीज का महिला को उल्कापिंड होने का संदेह हुआ। तब महिला ने जियोलॉजिस्ट थिएरी रेबमैन से सलाह ली, जिन्होंने चट्टान की जांच की और लोहे और सिलिकॉन की संरचना देखी। इससे पता चला कि असल में ये एक उल्कापिंड हो सकता है। इसके बरामद टुकड़ों का वजन लगभग 4 औंस था।
रैबमैन ने कहा कि उल्कापिंड की लोगों से टकराने की घटनाएं बेहद दुर्लभ हैं। इसके बावजूद हर दिन अनुमानित 50 टन उल्कापिंड सामग्री पृथ्वी पर गिरती हैं, जिनमें से अधिकांश महासागरों में गिरती हैं।
उल्कापिंड क्या होते हैं?
उल्कापिंड अंतरिक्ष चट्टाने हैं, जो पृथ्वी के वायुमंडल के माध्यम से जमीन तक पहुंचते हैं। ज्यादातर उल्कापिंड अपनी यात्रा के दौरान टुकड़ों में बंट जाते हैं और उनके छोटे टुकड़े ही पृथ्वी पर आ गिरते हैं। जमीन पर इन उल्कापिंडों को पहचानना काफी मुश्किल हो सकता है लेकिन रेगिस्तान जैसी जगहों में ये बड़ी ही आसानी से पहचाने जा सकते हैं।
इतिहास में भी उल्कापिंड से प्रभावित होने वाले लोगों के दावे मिलते रहे हैं। हालांकि, पुख्ता सबूतों की हमेशा ही कमी रही है। उल्कापिंड का सीधे किसी इंसान से टकराने का पहला मामला साल 1954 में सामने आया था, जब सिलाकौगा अलबामा की एन होजेस 8 पाउंट के पत्थर जैसे दिखने वाले उल्कापिंड की चपेट में आ गई थीं, जो उनकी छत से टकराया था। इसके बाद उन्हें गंभीर चोटें आई थीं।












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