50 लाख साल पुराने कब्रिस्तान में मिले 'बड़े-बड़े पैर', क्या किसी रहस्य की ओर हैं संकेत?
हाल ही में रिसर्चर्स ने एक बहुत बड़े कब्रिस्तान की खोज की। हैरान कर देने वाली बात ये है कि इसमें विशालकाय हड्डियां पाई गईं। माना जा रहा है कि ये कब्रिस्तान 50 लाख साल पुराना है।

5.5 million years old Graveyard: इतिहास से जुड़े तार कई बार शोधकर्ताओं को ऐसी-ऐसी चीजों में मिल जाते हैं, जिन्हें देखने के बाद हैरानी होती है। इन तस्वीरों या फिर साक्ष्यों को देखने के बाद यही लगता है कि इतिहास में चीजें कितनी दिलचस्प रही होंगी।
50 लाख पुरानी कब्र और हड्डियां
हाल ही में ऐसा ही एक हैरतअंगेज खुलासा वैज्ञानिकों ने उस वक्त किया, जब एक पुराने यानी कि 50 लाख साल पहले के एक बड़े से कब्रिस्तान की खोज हुई। इतने बड़े कब्रिस्तान की खोज के साथ ये भी पता चला कि उत्तरी फ्लोरिडा में इस जगह पर एक बेहद पुरानी और बड़ी नदी भी बहा करती थी।
भारी-भरकम हड्डियों का क्या है राज?
अब इतना बड़ा कब्रिस्तान किसका हो सकता है। जाहिर सी बात है इस एरिया में इंसान तो रहे नहीं होंगे और अगर होते भी तो इतना बड़ा कब्रिस्तान इंसानों का तो नहीं हो सकता था। ऐसे में वैज्ञानिकों की रिसर्च में पाया गया कि ये कब्रिस्तान हाथियों का था। इसका खुलासा तब हुआ, जब इस बड़े से गड्ढे में बड़े पैमाने पर भारी-भरकम हड्डियां मिलीं।
क्या बोले शोधकर्ता?
खुलासा हुआ कि ये कब्रिस्तान और हाथियों की हड्डियां 50 लाख साल पुरानी हैं। ये जीवाश्म विलुप्त हुए गोम्फोथेरेस के थे। गोम्फोथेरेस आधुनिक हाथियों के ही रिश्तेदार हुआ करते थे। ये आज से लगभग 50 लाख साल पुराने हैं यानि की मियोसीन युग के दौरान के। ये स्टडी अपने आप में बेहद ही दिलचस्प है। क्योंकि इससे पता चलता है कि उस समय के हाथी कैसे दिखते होंगे।
इतिहास को समझने में मिलेगी मदद
कशेरुक जीवाश्म विज्ञान के क्यूरेटर जोनाथन बलोच ने कहा कि प्राकृतिक इतिहास के फ्लोरिडा संग्रहालय में उन्होंने भी इस स्टडी में मदद की। बलोच ने लाइव साइंस को बताया कि अगर आप इन जानवरों की शारीरिक बनावट और उनके इतिहास के बारे में समझने की कोशिश कर रहे हैं तो ये वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बेहद ही रोमांचक है।
मुझे पैर की उंगलियां मिलने लगीं और...
एक रिटायर्ड कैमिस्ट्री टीचर और स्वयंसेवक डीन वार्नर ने कहा कि मैंने जब लगातार खुदाई शुरू की तो मुझे एक के बाद एक पैर की उंगलियां और टखने की हड्डियां मिलनी शुरू हुईं। इसके बाद हमने खुदाई का काम और भी तेज कर दिया। बताते चलें कि गोम्फोथेरेस परिवार की प्रजातियां आमतौर पर उनके दांत और शरीर के आकार के हिसाब से अलग-अलग होती हैं।
इतिहास की मिलेगी बेहतर समझ
शोधकर्ताओं ने कहा कि लाखों साल पहले हाथियों के ये रिश्तेदार एक बार पूरे अफ्रीका, यूरेशिया और अमेरिका में खुले सवाना में पनपे थे। हालांकि, लगभग 14 मिलियन साल पहले ठंडे तापमान की वजह से इन क्षेत्रों में घास के मैदान धीरे धीरे बदलने शुरू हुए। और तापमान ने हाथियों की इन प्रजातियों को विलुप्त होने पर मजबूर कर दिया। अब रिसर्चर्स का मानना है कि इन हाथियों की सूंडों के आधार पर इनके रहन-सहन और उस समय वातावरण को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।












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