'वो पीछे से आया और मेरी पैंट खींच दी...', जज के फैसले पर भड़की 17 साल की छात्रा, कहा- मजाक नहीं था वो सब
Italy judge verdict: इटली में यौन शोषण के एक मामले को लेकर दिए गए जज के एक फैसले पर इन दिनों काफी बवाल मचा हुआ है। विवाद इतना बढ़ गया है कि लोग 10 सेकंड का वीडियो बनाकर फैसले पर विरोध जता रहे हैं।
लोग इंस्टाग्राम और टिकटॉप पर यौन शोषण से जुड़े ऐसे वीडियो पोस्ट कर रहे हैं, जो 10 सेकंड से कम समय के हैं। इन वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा जा रहा है कि ये यौन शोषण क्राइम नहीं है, क्योंकि ये 10 सेकंड से भी कम समय में की गई छेड़छाड़ है।

'न्यू यॉर्क पोस्ट' की खबर के मुताबिक, इस विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई, जब अप्रैल 2022 के यौन शोषण से जुड़े एक मामले में जज ने एक फैसला सुनाया। दरअसल, इटली के रोम हाई स्कूल में अप्रैल 2022 में एंटोनियो अवोला नाम के 66 वर्षीय शख्स ने स्कूल में एक 17 साल की छात्रा के साथ यौन शोषण किया था। शख्स स्कूल का केयरटेकर है और जब छात्रा अपनी एक दोस्त के साथ सीढ़ियों पर जा रही थी तो उसने पीछे से आकर उसकी पैंट नीचे खींच दी।
'तुम जानती तो हो कि मैं मजाक कर रहा था'
अवोला यहीं नहीं रुका, पैंट खींचने के बाद उसने छात्रा के निजी अंगों से भी छेड़छाड़ की। छात्रा ने जब इसका विरोध किया तो अवोला ने कहा, 'तुम जानती तो हो कि मैं मजाक कर रहा था।' इसके बाद छात्रा ने मामले की शिकायत पुलिस के पास की, लेकिन पुलिस के सामने भी अवोला अपनी बात पर अड़ा रहा कि वो मजाक कर रहा था। मामले में केस दर्ज हुआ और कोर्ट में सुनवाई चलने लगी।
'10 सेकंड तक भी छेड़छाड़ नहीं हुई'
सुनवाई के दौरान कोर्ट में सरकारी वकील ने मांग की, कि अवोला को यौन शोषण का दोषी माना जाए और संबंधित धाराओं में 4 चाल कैद की सजा सुनाई जाए। हालांकि इस मामले में इसी हफ्ते चौंकाने वाला फैसला आया और जज ने अवोला के ऊपर लगे सभी आरोप खारिज करते हुए उसे निर्दोष करार दिया। जज ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में यौन शोषण करने का जो आरोप है, उसमें 10 सेकंड तक भी छेड़छाड़ नहीं हुई, इसलिए इसे अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। और, इसके बाद आरोपी अवोला को बरी कर दिया गया।
फैसले के विरोध में वीडियो पोस्ट कर रहे लोग
अब जज के इस फैसले को लेकर इटली में जबरदस्त विरोध हो रहा है। विरोध जताने के लिए लोग इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर 10 सेकंड की उल्टी गिनती के टाइमर के साथ वीडियो पोस्ट कर रहे हैं, और इन वीडियो में वो सबकुछ किया जा रहा है, जो यौन शोषण के दायरे में आता है। वीडियो में ये लोग ब्रेस्ट और दूसरे निजी अंग टच करते हुए कैमरे की तरफ देख रहे हैं और कैप्शन में लिख रहे हैं कि ये क्राइम नहीं है, क्योंकि 10 सेकंड से कम की छेड़छाड़ है।
'मेरे लिए वो सब मजाक नहीं था'
कुछ वीडियो ऐसे भी बनाकर पोस्ट किए जा रहे हैं, जिनमें एक पुरुष, एक महिला के निजी अंगों को सहलाता है और फिर महिला उसे रोकते हुए बोल रही है कि 10 सेकंड हो गए, रुक जाओ वरना ये क्राइम बन जाएगा। वहीं मामले में शिकायत दर्ज कराने वाली छात्रा ने भी जज के फैसले पर विरोध जताया है। छात्रा ने कहा, 'जज ने अपने फैसले में कहा कि वो मजाक कर रहा था, लेकिन मेरे लिए तो ये मजाक नहीं था।'
'उसने अपना हाथ मेरे अंडरवियर में डाला'
छात्रा ने आगे कहा, 'वो केयरटेकर बिना कुछ कहे, चुपचाप मेरे पीछे से आया। उसने अपना हाथ मेरी पैंट और इसके बाद मेरे अंडरवियर में डाला। उसने मेरे निचले हिस्से को छुआ। इसके बाद उसने मुझे ऊपर खींच लिया और मेरे निजी अंगों को छुआ। ये सबकुछ मेरे लिए मजाक नहीं है। एक बूढ़े शख्स को किसी भी लड़की के साथ ऐसा मजाक करना चाहिए? उस केयरटेकर के लिए अपने हाथों का एहसास मुझे कराने के लिए वो चंद सेकंड काफी थे।'












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