श्रापित घर की कहानी! जो एक मां की दर्दनाक दास्तां को करता है बयां, हर कोने में टंगे हुए हैं खिलौने
स्पेन का एक घर इन दिनों काफी सुर्खियों में है, जहां 1000 से भी ज्यादा गुड्डे और गुड़िया रखे गए हैं। माना जाता है कि ये एक मां ने इकट्ठा किए थे, जिसके बच्चों की मौत हो गई थी।

Home filled with dolls: बच्चों को गुड्डे गुड़ियों से खेलने का बचपन से ही शौक होता है। ऐसे में मां-बाप अपने बच्चों के लिए किसी तरह की कमी नहीं होने देते और एक बार बोलने पर घर पूरा खिलौनों से भर जाता है। स्पेन के सेविले में भी एक घर है, जो एक या दो नहीं बल्कि 1000 गुड़ियों से भरा हुआ है।
लेकिन इस घर में इतने खिलौनों के पीछे की कहानी बड़ी ही भावुक कर देने वाली है। दरअसल, ये एक खाली घर है, जिसे परिवार ने कुछ समय पहले छोड़ दिया था। इस घर में रखे गुड्डे उस मां का दर्द बयां करते हैं, जिसने अपने दो बच्चों को खो दिया।
घर से खिलौनों की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा होने लगी। ऐसा माना जा रहा है कि एक मां ने मरने से पहले इन सबको इकट्ठा करना शुरू कर दिया था। रिपोर्ट्स में दावा है कि बच्चों के मरने के बाद महिला बेहद अकेली हो गई थी, जिसके बाद उसने खिलौने इकट्ठे करने शुरू कर दिए। साल 2017 में महिला की मौत हो गई थी और इससे पहले उसने तकरीबन 1000 गुड्डों को इकट्ठा करके रखा था।
बेन जेम्स नाम के कैम्ब्रिज के एक एक्सप्लोरर ने इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर साझा किया। कुछ स्थानीय लोगों ने जेम्स को उस महिला के बारे में बताया। सभी को महिला के बारे में पता था कि वो ऐसा करती है। लेकिन घर में घुसने से सबको बड़ा डर लगता था।
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा अंधविश्वास था कि जो कोई भी इस घर में घुसता था या फिर खिलौनों को हाथ भी लगाता था तो उसको या तो श्राप दे दिया जाता था कि वो भी उस महिला के बच्चों की तरह इस दुनिया से चला जाएगा। या फिर कोई और बद्दुआ मिलती थी। ऐसे में गांव वाले इस घर में जाने से बेहद कतराते थे। ऐसा माना जाता था कि वो महिला अपना आपा खो चुकी है और घर भी श्रापित है।
जेम्स बताते हैं कि अगर कोई भी घर में घुसता था तो वो गुड्डे आपस में हिलने और आवाज करने लगते थे। जबकि उनका कहना था कि हो सकता है कि ये हवा तेज चलने की वजह से होता रहा हो। ये खिलौने घर के हर कोने में मौजूद थे। चाहे दीवार हो, टेबल, ड्रेसिंग टेबल या फिर अलमारियां हों।
जेम्स ने कहा कि किसी को भी उस घर में घुसने की इजाजत नहीं थी। बच्चों के जाने के बाद महिला गुड़िया इकट्ठा करती थी। साल 2017 में महिला को मृत पाया गया। लेकिन फिर भी गांव वाले घर में नहीं गए। क्योंकि उनका मानना था कि ये घर श्रापित है। ग्रामीणों का मानना था कि अगर कोई भी उस घर में जाता था तो वो भी बच्चों की तरह ही मारा जाएगा। ऐसा माना जाता था कि गुड्डे गुड़ियों के अंदर बच्चों की आत्मा है।












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