'नर्क के दरवाजे' ने फिर बढ़ाई टेंशन, धरती के लिए बना खतरा, अंदर का VIDEO आया सामने
साइबेरिया में एक बहुत बड़ा गड्ढा है, जिसका राज आज तक नहीं सुलझ पाया। इसका निर्माण करोड़ों साल पहले हुआ था। इसको स्थानीय लोग 'नर्क का दरवाजा' भी कहते हैं। ये लोगों की टेंशन बढ़ा रहा, क्योंकि इससे अब खतरा महसूस होने लगा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गड्ढे का नाम बाटागाइका है, लेकिन कई लोग इसको बाटागे भी बोलते हैं। वैसे तो इसके आसपास कोई नहीं जाता, लेकिन हाल ही में इसका वीडियो बनाया गया। जिसको देखकर सभी हैरान रह गए। (वीडियो-नीचे)

दावा किया जा रहा कि इस गड्ढे का आकार तेजी से बढ़ रहा है। अब ये 0.8 वर्ग किलोमीटर में फैल गया है, जबकि पहले काफी छोटा था। आप उसके आकार का अंदाजा इस बात से ही लगा सकते हैं कि ये 145 फुटबाल मैदानों के बराबर है।
सबसे चिंता की बात ये है कि पेड़ों की कटाई की वजह से इसके आसपास की मिट्टी और तेजी से धंस रही। ऐसे में भविष्य में ये आसपास की चीजों को निगल लेगा। हालांकि साइबेरिया की सरकार इसको लेकर गंभीर है।
क्यों कहा जाता है नर्क का दरवाजा?
ये पृथ्वी पर खोजा गया दूसरा सबसे पुराना पर्माफ्रॉस्ट है। इसकी खोज 1960 के दशक में हुई थी, लेकिन ये 2022 चर्चा में आया। उस वक्त इसका आकार तेजी से बढ़ रहा था। साथ ही आसपास की चीजें इसमें समा रही थीं। इसके अंदर से कुछ अजीब सी आवाजें सुनाई दी थीं, जो चीख या जोर से उछलने जैसी थी। इस वजह से इसका नाम 'नर्क का दरवाजा' पड़ा।
सूरज की रोशनी ने किया खुलासा
शोधकर्ताओं का मानना है कि ये गड्ढा हिमयुग से ही है। यहां पर काफी ज्यादा बर्फ जमी थी, लेकिन इंसानों ने जंगलों को काटना शुरू कर दिया। जब इसके आसपास के पेड़ काट दिए गए, तो सूरज की रोशनी इस तक पहुंचनी शुरू हुई। जिसके बाद आसपास की बर्फ पिघली और ये गड्ढा सामने आ गया। इसके अंदर पेड़-पौधों और जानवरों के अवशेष भी मिले हैं, जो 8000 साल से ज्यादा पुराने थे।












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