बच्चों की ऑनलाइन लत से परेशान पिता ने उठाया ऐसा कदम, पूरा शहर का इंटरनेट हो गया ठप
पेरिस, 22 फरवरी। आज की तकनीक से लैस दुनिया में अधिकांश माता-पिता के सबसे बड़ी मुश्किल अपने बच्चों को फोन, लैपटॉप और दुनिया डिजिटल डिवाइस से दूर रखना है। यही वजह है कि माता-पिता और अभिभावक अक्सर अपने बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। ऐसे ही एक पिता ने अपने बच्चों को इंटरनेट से दूर रखने के लिए पूरे शहर का इंटरनेट ही काट दिया।

बच्चों के स्क्रीन टाइम से पैरेंट्स परेशान
आजकल लगभग हर देश में बच्चे या किशोर, जिसकी पहुंच डिजिटल डिवाइस तक है, स्क्रीन पर खूब समय बिता रहे हैं। स्क्रीन टाइम कम्प्यूटर, टेलीविजन, मोबाइल इस्तेमाल या फिर गेमिंग के दौरान लगने वाले समय को कहा जाता है। यही वजह है कि माता-पिता अक्सर अपने बच्चों के स्क्रीन टाइम को कम करने के लिए नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं।
बहुत सारे पैरेंट्स बच्चों पहुंच को रोकने के लिए डिवाइस पर पासवर्ड या फिर लॉकिंग मैकेनिज्म का इस्तेमाल करते हैं। वहीं कई सारे बच्चों को व्यस्त रखने के लिए दूसरे तरीके अपनाते हैं ताकि बच्चों का ध्यान इन चीजों की तरफ न जाए। हालांकि माता-पिता हमेशा जैसा चाहते हैं चीजें वैसी नहीं होती हैं।

पूरे शहर का इंटरनेट कर दिया ठप
फ्रांस में एक पिता ने अपने बच्चों को ऑफलाइन करने का ऐसा जुनून सवार हुआ कि उसने पूरे शहर का इंटरनेट ही ठप कर दिया। जी हां, सही पढ़ रहे हैं आप, इस शख्स ने बच्चों को ऑफलाइन करने की कोशिश में शहर के पूरे नेटवर्क को ही बंद कर दिया। हालांकि बताया कि उसका शहर के इंटरनेट को बंद करने का इरादा नहीं था और यह गलती से हो गया लेकिन यह गलती अब उन पर भारी पड़ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक शख्स पर भारी जुर्माना लगने की संभावना है और उन्हें जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है।

कैसे हुआ इंटरनेट बंद?
बताया जा रहा है कि पिता अपने बच्चों के हमेशा ऑनलाइन रहने से परेशान था। बच्चे देर रात तक ऑनलाइन रहते थे। इसे रोकने के लिए उसने देर रात में सिग्नल जैमर का इस्तेमाल किया। उसका ये प्लान काम तो बखूबी कर गया लेकिन जैमर ने सिर्फ उसके घर का ही नहीं बल्कि पूरे शहर के इंटरनेट नेटवर्क को आधी रात से सुबह 3 बजे तक काट दिया।

नियामक एजेंसी के पास पहुंचा मामला तो चला पता
शुरुआत में इस ऑउटेज का पता नहीं चला। इसकी जानकारी तब हुई जब एक मोबाइल यूजर ने एजेंस नेशनल डेस फ्रीक्वेंस (एएनएफआर) को एक अजीब सिग्नल ड्रॉप की सूचना दी। एएनएफआर फ्रांस में रेडियो फ्रीक्वेंसी का प्रबंधन देखता है।
एएनएफआर ने जब इंटरनेट ऑउटेज की वजह ढूढ़ना शुरू किया तो पता चला कि इस जैमर को पिता ने अपने स्मार्टफोन के साथ इंस्टाल किया था ताकि बच्चों तक इंटरनेट की पहुंच रोकी जा सके।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान लंबे समय तक घर में बंद रहने के चलते उनके बच्चों को सोशल मीडिया नेटवर्क और दूसरे डिजिटल तकनीक की बुरी तरह लत लग गई थी।

फ्रांस में जैमर पर बेहद सख्त नियम
फ्रांस में सिग्नल जैमर का उपयोग अवैध है। कोई भी व्यक्ति अगर इस्तेमाल करने करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे 30,000 यूरो तक जुर्माना या छह महीने की जेल हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक जैमर को जब्त कर लिया गया है और मामला अदालत में रखने की तैयारी हो रही है।












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