कौन हैं 15 साल के कार्लो एक्यूटिस? जिन्हें मौत के बाद मिलने वाली है 'संत' की उपाधि, किए थे ये चमत्कार
कैथोलिक धर्म में संत का दर्जा मिलना बिल्कुल भी आसान नहीं है। ये दर्जा सिर्फ उसी इंसान को मिलता है, जो मरीज की बड़ी से बड़ी बीमारियां मात्र छूने भर से जादुई तरीके से ठीक कर देता है। या फिर कोई दूसरे बड़े चमत्कार करता है। कथित तौर पर संत को मौत के बाद स्वर्ग ही मिलता है। अब यही बड़ी उपाधि लंदन में एक टीनएजर को मौत के बाद मिलने जा रही है।
इतावली मूल का ये टीनएजर काफी सुर्खियों में है। 15 साल की उम्र में कार्लो एक्यूटिस नाम के इस टीनएजर की मौत हो गई थी। संत की उपाधि कार्लो को मौत के बाद मिलने वाली है। ऐसे में चलिये सबसे पहले तो जानते हैं कि कार्लो कौन थे और उन्हें आखिर क्यों संत की उपाधि मिलने जा रही है।

1991 में लंदन में जन्मे कार्लो को कंप्यूटर की अच्छी खासी जानकारी थी। कार्लो शुरुआत से ही बहुत ज्यादा धार्मिक थे। छोटी सी उम्र में ही कार्लो ने कोडिंग सीख ली थी और एक वेबसाइट भी बना ली। ये वेबसाइट काफी खास थी क्योंकि इसमें दुनियाभर में हो रहे चमत्कारों को एक साथ लिस्टेड किया गया था।
कार्लो को मरने के बाद संत का दर्जा मिलने के पीछे कई सारे चौंकाने वाले कारण हैं। मरणोपरांत कार्लो को संत का दर्जा मिलने की सिफारिश सेंट-मेकिंग कमेटी ने दी। उन्होंने पोप फ्रांसिस को एक घटना बताई, जिसे पोप ने तवज्जो दी। घटना ये थी कि एक दुर्लभ बीमारी से जूझ रहा छोटा सा बच्चा कार्लो की टी-शर्ट को छूने मात्र से ठीक हो गया था। खबर एनडीटीवी में भी छपी है। खुद पोप ने इस घटना की जांच की और इस क्लेम को सही पाया।
ये अपने आप में एक अकेला मामला नहीं है, जिसमें कार्लो के चमत्कार को लोगों ने नमस्कार किया हो। इससे पहले भी एक मामला हुआ, जिसमें ब्रेन इंजुरी से मरणासन्न हो चुकी एक छात्रा की सेहत एकदम ठीक हो गई, जब उसकी मां ने कार्लो की कब्र पर जाकर अपनी बच्ची के लिए प्रार्थना की।












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