Bihar News: शराबबंदी के ख़िलाफ़ बिहार के युवा, कहा- शराब की आड़ में हो रही अवैध वसूली
Bihar News Update: बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद से सियासी पारा चढ़ा हुआ है। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र राजनीतिक पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुट गईं हैं। चुनावी मौसम में इंडिया गठबंधन और एनडीए गठबंधन को लेकर जनता के बीच बिहार में क्या माहौल है?
वन इंडिया हिंदी की टीम ग्राउंड रिपोर्ट लेने जनता के बीच पहुंची। इसी क्रम में बिहार के सीवान ज़िले में विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों से बातचीत की। युवाओं ने भी अपनी बात रखी, उन्होंन कहा कि नीतीश कुमार पर अब भरोस नहीं रहा है। वह जनता के हितों की नहीं सिर्फ़ अपना हित सोचते हैं।

बिहार में जब-जब उनकी कुर्सी डगमगाई है, उन्होंने पाला बदलकर अपनी कुर्सी बचाई है। मुन्ना कुमार ने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यदाव जन विश्वास यात्रा निकाल रहे हैं, यह अच्छी बात है। वहीं जब उनसे पूछा गया कि आप वोट करेंगे तो क्या सोच कर करेंगे?
मुन्ना कुमार ने कहा कि बिहार में जो शराब चालू करेगा, हम उन्हीं को वोट करेंगे। शराबबंदी सिर्फ़ काग़ज़ों पर है हकीकत में शराब की बिक्री हर जगह हो रही है। इसके साथ शराब की आड़ में अवैध वसूली चालू है। पुलिस प्रशासन सबकी मिलीभगत से यह धंध हो रहा है।
बिहार में जब शराब चालू था, तो लोग ज़हरीली शराब पीकर नहीं मरते थे। शराबबंदी के बाद से चोरी छिपे ज़हरीली शराब बनती है। उसे पीकर लोगों की जान जा रही है, जो शराब पीने का आदी है, वह तो किसी भी हाल में शराब पीना नहीं छोड़ेगा।
पहले जो शराब 100 रुपये की बिकती थी, अब ब्लैक में 350 की बिक रही है। शराब बिक ही रही है तो फिर शराबबंदी सफल कहां है। इससे अच्छा है कि सरकार शराब चालू कर दे। ग़रीब लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। शराब पीकर पकड़े जाने 4 हज़ार से 5 हज़ार रुपये वसूल लिया जा रहा है।
सरकार को चाहिए कि शराबबंदी को ख़त्म कर दे, इससे अवैध वसूली बंद होगी। क्योंकि शराब तो मिल ही रहा है। शराबबंदी की आड़ में शराब ज्यादे दामों पर बिक्री है, पकड़े जाने पर जो निर्धारित जुर्माना है, उससे ज्यादे वसूल किया जा रहा है। इससे अच्छा है कि शराब चालू हो, जो शराबबंदी खत्म करेगा उसे ही वोट देंगे।












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