World Contraception Day: स्वस्थ परिवार के लिए परिवार नियोजन है जरूरी, बच्चे मनचाहा, अनचाहा नहीं- डॉ. देवेन्द्र
World Contraception Day News: 26 सितंबर विश्व गर्भनिरोधक दिवस के अवसर पर जहानाबाद जिले के सिविल सर्जन डॉ. देवेन्द्र प्रसाद ने परिवार नियोजन के सभी साधनों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने परिवार नियोजन के महत्व एवं फायदे के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि लड़का हो या लड़की सही उम्र होने पर ही शादी करनी चाहिए।
शादी के पश्चात पहला बच्चा कम से कम 2 साल बाद और पहले और दूसरे बच्चे के बीच 3 साल का अंतराल जरूर होना चाहिए। इसके अलावा बच्चों के बीच अंतराल रखने के लिए गर्भनिरोधक साधन (कॉपर टी, गर्भनिरोधक सुई अंतरा और गर्भनिरोधक गोली) अपनाने के लिए लाभार्थियों को प्रेरित करने की अपील की।

डॉ. देवेन्द्र प्रसाद ने स्वास्थ्य विभाग में चल रहे अन्य कार्यक्रम जैसे आयुष्मान भारत कार्यक्रम में जिले की उपलब्धि के बारे में भी बताया। आपको बता दें कि 26 सितंबर को विश्व गर्भनिरोधक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य जनमानस तक परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों के लिए जागरुकता फैलाना एवं आवाम तक उनकी पहुंच को आसान बनाना है।
आम जनमानस को यह संदेश देना जरूरी है कि सभी योग्य दंपती के लिए परिवार नियोजन के विभिन्न विधियों में अपना मनचाहा विकल्प चुनने की आजादी हो। ग़ौरतलब है कि जिले का प्रजनन दर 3.2 है, जो भारत का 2.0 और बिहार का 3.0 से अधिक है। प्रजनन दर को राज्य स्तरीय प्रजनन दर से कम करने के लिए जहानाबाद जिला कृत संकल्पित है।
सभी विभागों से समन्वय स्थापित कर रहा है क्योंकि अकेले स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य के सभी सूचकांक में अपेक्षित सुधार नहीं कर सकता, इसलिए सभी को साथ मिलकर काम करना जरूरी है। जहानाबाद जिले में 26 सितंबर 2024 विश्व गर्भनिरोधक दिवस को अंतराल दिवस के रूप में मनाया गया है।
स्वास्थ्य विभाग जहानाबाद पी एस आई- इंडिया के तकनीकी सहयोग से परिवार नियोजन परामर्श तथा सेवा के लिए तत्पर है जिसका नतीजा यह है कि परिवार नियोजन के विभिन्न विधियों में अच्छी उपलब्धि हासिल कर चुका है , लेकिन कुछ विधियों के उपयोग में अभी भी पीछे है जैसे अंतरा लगाना कॉपर टी लगाना ।
परिवार नियोजन के लिए अस्थाई साधनों में दो बच्चों में कम से कम 3 साल का का अंतर रखने हेतु कुछ प्रमुख विधियां हैं जिसका दुष्प्रभाव लगभग नगण्य है अस्थाई विधि में कॉपर टी (5 साल एवं 10 साल हेतु) अंतरा गर्भनिरोधक सुई (3 महीने में एक डोज) साप्ताहिक गोली छाया (सप्ताह में दो गोली तीन महीने तक) एवं दैनिक गोली माल एन तथा पुरुष हेतु कंडोम प्रमुख है, जो सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ्त में उपलब्ध है ।
सिविल सर्जन डॉक्टर देवेंद्र प्रसाद ने प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को भी निर्देशित किया। वहीं परिवार नियोजन के स्थाई एवं अस्थाई साधनों के बारे में विस्तार से चर्चा की, उन्होंने पुरुष नसबंदी पर खास कर जोर दिया और बताया कि पुरुष नसबंदी महिला बंध्याकरण की तुलना में सरल और सुरक्षित है।












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