Voter List Update: 'खुद भर दो फॉर्म...', सच बोलने पर BLO सस्पेंड, नेताओं पर FIR, ज़मीनी हक़ीक़त हैरान कर देगी
Voter List Update: बिहार में वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर बवाल मचा हुआ है। पक्ष-विपक्ष के बीच ज़ुबानी जंग जारी है। वहीं ज़मीन पर हक़ीक़त कुछ और ही है, BLO ने ग़लती से सच बोल दिया, तो नौकरी पर तलवार लटक रही है। नेताओं ने आवाज़ उठाई तो FIR हो रही है।
क्या सच्चाई बोलना अब सिस्टम को खटकने लगा है?
वन इंडिया हिंदी के वरिष्ठ पत्रकार इंज़माम वहिदी की ग्राउंड रिपोर्टिंग में सामने आई एक ऐसी सच्चाई, जो लोकतंत्र को झकझोर देती है। भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद ( मतदाता सूची) पर अब सवाल उठने लगे हैं? बिहार में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्टिंग में चौंकाने वाली जानकारियाँ सामने आईं:

सच बोलने पर BLO को किया सस्पेंड
एक BLO (Booth Level Officer) ने जब मीडिया से मुखातिब होते हुए मामले की सच्चाई सामने रखी कि किस तरह से काम का प्रेशर बनाया जा रहा है। सीमित समय में घर-घर जाकर फील्ड सर्वे कर पंजीयन करना संभव नहीं है कहने पर संबंधित अधिकारी खुद से फ़ॉर्म भर जमा करने का आदेश दे रहे हैं।
उच्च अधिकारी BLO पर यह कहकर दबाव बना रहे थे कि "घर पर बैठे-बैठे फॉर्म खुद ही भर दो, सिस्टम में अपलोड कर दो। अगर फॉर्म नहीं भरोगे तो DM Show Cause करेंगे, सैलरी कटेगी। विभाग पर भी ऊपर से दबाव है, और हम पर भी। यह एक BLO की कॉल रिकॉर्डिंग में साफ सुना गया, जो OneIndia Hindi के पास मौजूद है।
सच बोलने की सजा:
महागठबंधन के नेताओं पर FIR, BLO पर सस्पेंशन, ये एक पैटर्न बनता जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या Election Commission के ऊपर भी कोई अदृश्य दबाव है?, क्या BLO जैसे फील्ड लेवल अधिकारी सिर्फ 'डाटा एंट्री ऑपरेटर' बनाकर रह गए हैं?, क्या यह प्रक्रिया लोकतंत्र के लिए खतरा बनती जा रही है?
OneIndia Hindi की Exclusive Call Recording में क्या है?
"मुझ पर भी प्रेशर है, DM जवाब मांगेगा... सैलरी काटी जाएगी... कोई डाटा नहीं दे रहा तो खुद से भर दो", यह कॉल रिकॉर्डिंग के कुछ अंश हैं। यह बयान उस व्यवस्था की पोल खोलता है, जो लोकतंत्र के सबसे बुनियादी आधार, मतदाता पहचान को ही अविश्वसनीय बना रही है।
ECI को जवाब देना चाहिए:
Election Commission of India को यह स्पष्ट करना होगा कि: क्यों BLO को जबरन 'फर्जी' या 'अनचेक्ड' जानकारी भरने का दबाव दिया जा रहा है? क्यों सच्चाई बोलने वाले कर्मचारियों को ही टारगेट किया जा रहा है? क्यों फील्ड सर्वे को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से नहीं करने दिया जा रहा?
मतदाता सूची कोई Excel शीट नहीं है, यह लोकतंत्र की आत्मा है। अगर उसमें गड़बड़ी होगी, दबाव होगा, डर होगा - तो चुनाव प्रक्रिया का भरोसा ही खत्म हो जाएगा। OneIndia Hindi की यह रिपोर्ट कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं, बल्कि लोकतंत्र को सच दिखाने का एक साहसिक प्रयास है।












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