Bihar Assembly Elections 2025: INC की 3 श्रेणी, 90 सीटों पर तैयारी, लेकिन गठबंधन में कितनी सीटें मिलेंगी?
Bihar Assembly Elections 2025: बिहार में 2025 में होने वाले विधानसभा चुनावों की सियासी बिसात बिछ चुकी है। इस बार कांग्रेस पार्टी ने जीत की नई रणनीति अपनाई है और खुद को कमजोर कड़ी के ठप्पे से बाहर निकालने की कोशिश में जुट गई है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी 90 विधानसभा सीटों पर गहन तैयारी कर रही है, लेकिन असल चुनौती यह है कि क्या महागठबंधन (INDIA Bloc) उसे 40 से 50 सीटें देगा भी?
श्रेणी में बांटी गई सीटो को लेकर सियासी गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि रणनीति या दबाव की राजनीति है? कांग्रेस ने जिन 90 सीटों पर अपनी नजरें गड़ाई हैं, उन्हें तीन श्रेणियों में बांटा गया है, चलिए जानते हैं वो सीटें कौन सी हैं।

श्रेणी 'A' (50 सीटें): पारंपरिक मजबूत सीटें जहां पार्टी का जनाधार और कैडर मज़बूत है। इनमें अररिया, किशनगंज, सिवान, मुजफ्फरपुर, औरंगाबाद, जमालपुर, भागलपुर, बिक्रम, बक्सर जैसी सीटें शामिल हैं।
श्रेणी 'B' (22 सीटें): पिछली बार पार्टी इन सीटों पर नहीं लड़ी थी, लेकिन इस बार संभावनाएं नज़र आ रही हैं। जैसे सहरसा, बिस्फी, चरैया, झंझारपुर, मटिहानी, बनियापुर आदि।
श्रेणी 'C' (18 सीटें): बेहद कठिन सीटें जहां पार्टी को खुद भी ज्यादा उम्मीद नहीं है। जैसे पटना साहिब, नालंदा, कुशेश्वर स्थान, राजगीर, चैनपुर आदि। पार्टी की प्राथमिकता 'A' और 'B' श्रेणी की सीटों में से ही अधिकतम पर दावेदारी करना है।
क्या कांग्रेस को मिल पाएंगी 50 सीटें?
महागठबंधन की पिछली परफॉर्मेंस में कांग्रेस को 70 सीटें दी गई थीं, जिसमें वह महज़ 19 पर जीत पाई थी। इसी वजह से महागठबंधन की हार का ठीकरा उस पर फोड़ा गया था। इस बार कांग्रेस दबाव की रणनीति के तहत पहले से तैयारी करके अधिक सीटों की मांग कर रही है, लेकिन राजद जैसे बड़े दल के सामने यह आसान नहीं होगा।
राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी का बयान संकेत देता है कि सीट बंटवारे का अंतिम निर्णय सामूहिक सहमति से होगा। यानी कांग्रेस की रणनीति सफल होगी या नहीं, यह गठबंधन की केमिस्ट्री पर निर्भर करेगा।
कांग्रेस की तैयारी पर भाजपा का तंज़
कांग्रेस की तैयारी पर भाजपा ने तंज कसा है। भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि "महागठबंधन हायना का झुंड है, जिसमें हर कोई कुर्सी की लालसा में एक-दूसरे को नोचने में लगा है।" भाजपा यह भी दावा कर रही है कि कांग्रेस और वीआईपी जैसे दल अपनी-अपनी सीटों को लेकर महागठबंधन में दरार ला सकते हैं, जिसका सीधा फायदा NDA को मिलेगा।
कांग्रेस को कितनी सीटें मिलेंगी?, सस्पेंस बरकरार
राजनीतिक जानकारों की मानें तो कांग्रेस को 40 से 50 सीटों तक पर राजद और गठबंधन की सहमति मिल सकती है। लेकिन ये सीटें 'A' और 'B' कैटेगरी की होंगी या 'C' की भी कुछ मिलेंगी, यह अब तक सस्पेंस बना हुआ है।
कांग्रेस की 90 सीटों पर तैयारी यह दर्शाती है कि वह महागठबंधन में महज पूरक दल की भूमिका में नहीं रहना चाहती। लेकिन गठबंधन की वास्तविक राजनीति में कितना दम दिखा पाएगी, यह आने वाले दिनों में सीटों के बंटवारे के साथ साफ हो जाएगा।












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