Bihar News: मुस्लिमों की बड़ी आबादी फिर भी उनका राजनीतिक वजूद खतरे में है: हाजी मोहम्मद परवेज सिद्दीकी
Muslims Existence In Politics: मुस्लों को लेकर राजनेता सियासी रोटियां सेकते आ रहे हैं, लेकिन राजनीति में उनके स्टैंड पर सवाल उठते रहे हैं। इसी क्रम में मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षा के चेयरमैन सह राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी मोहम्मद परवेज सिद्दीकी भी मुस्लिमों की वजूद की लड़ाई लड़ रहे हैं।
मुजफ्फरपुर मीनापुर प्रखंड के पिपराहां में हाजी मोहम्मद परवेज सिद्दीकी ने कहा कि पूरे मुल्क में मुसलमानों की एक बड़ी आबादी होते हुए भी आज उनका राजनीतिक वजूद ख़तरे में पड़ता नज़र आ रहा है। मुसलमानों का सियासत में मुकाम ना के बराबर है।

मुसलमान जिस राजनीतिक मुकाम के हक़दार हैं, उन्हें वह मुकाम नहीं मिल रहा है, क्योंकि मुसलमान एकजुट नहीं है। कहीं फिरका परस्ती, तो कहीं जात-पात, तो कहीं बैकवर्ड फॉरवर्ड, तो कही अमीरी-गरीबी में मुसलमान बांटा जा रहा है।
सभी सेक्टर में मुसलमान लगातार कमज़ोर होते जा रहे हैं । 18 से 19 फीसदी आबादी होने के बावजूद मुसलमान सभी क्षेत्र में पीछे हैं। देश के मंत्रालय में, अदालत में, विश्वविद्यालय में, कॉलेज में, स्कूलों में अन्य क्षेत्र में ना के बराबर मौजूदगी है। यह दुर्व्यवहार और अन्याय है, कब तक हम अपने अधिकारों से वंचित रहेंगे?
मुसलमानों को इस हालत से निकलने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी, परवेज़ सिद्दीकी ने कहा अब सोने का समय नहीं है। अब समय आ गया है की बिहार के हर विधानसभा की बड़ी आबादी के बीच एक प्रतिनिधिमंडल से जवाब तलब करें।
कौम के रहनुमा रूप में पहुंचे लोगों से, एक ही सवाल पूछे ऐसी स्थिति में मुसलमानों को क्या करना चाहिए? जब कोई समुदाय संकल्पित होता है तो सामाजिक, शैक्षणिक, राजनीतिक परिवर्तन निश्चित होता है। इसका उदाहरण बिहार के कई वर्गों के नेता और उनके समुदाय ने साबित किया है ।












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