Tejashwi on Bihar Election: 'लोक नहीं तंत्र जीता', विदेश से लौटते ही तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
Tejashwi Yadav on Bihar Election: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बिहार चुनाव परिणामों पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे जनता की इच्छा के विरुद्ध बताया है। तेजस्वी ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि इस बार 'लोक' की हार हुई है और 'तंत्र' की जीत हुई है।
उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन पर छल-कपट और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए इसे जनतंत्र के बजाय धनतंत्र की जीत करार दिया। तेजस्वी ने नई सरकार को 100 दिनों का समय देते हुए उनके चुनावी वादों पर निगरानी रखने की घोषणा की है, जबकि भ्रष्टाचार के आरोपों पर फिलहाल चुप्पी साधी है।

लोक हारा और तंत्र जीता: तेजस्वी का आरोप
तेजस्वी यादव ने चुनावी नतीजों को जनादेश के बजाय एक बड़ी साजिश बताया है। उनका कहना है कि बिहार में जनतंत्र को धनशक्ति और मशीन तंत्र में बदल दिया गया। तेजस्वी ने दावा किया कि नई सरकार का गठन निष्पक्ष तरीके से नहीं बल्कि छल-कपट और प्रपंच के जरिए हुआ है। उन्होंने कहा कि पूरा देश और बिहार की जनता यह भली-भांति जानती है कि किस तरह मशीनरी का इस्तेमाल करके परिणामों को बदला गया और वास्तविक जनादेश को हार में बदला गया।
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सरकार के किसी भी निर्णय पर नहीं करेंगे टिप्पणी
तेजस्वी ने एक रणनीतिक घोषणा करते हुए कहा कि वे अगले 100 दिनों तक सरकार के किसी भी निर्णय या नीति पर कोई नकारात्मक टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने इसे अपनी 'सकारात्मक राजनीति' का हिस्सा बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वे चुप रहकर सरकार के कामकाज और उनके चुनावी घोषणापत्र के क्रियान्वयन की बारीकी से विवेचना करते रहेंगे। यह समय उन्होंने सरकार को अपने किए गए दावों और विकास कार्यों की जमीन तैयार करने के लिए एक अवसर के रूप में दिया है।
चुनावी वादों पर सरकार की घेराबंदी
रोजगार और आर्थिक सहायता के मुद्दों पर तेजस्वी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि अब बारी वादे निभाने की है। उन्होंने सवाल किया कि प्रदेश की 2.5 करोड़ महिलाओं को 2-2 लाख रुपये कब मिलेंगे और 1 करोड़ युवाओं को नौकरी का वादा कब पूरा होगा? उन्होंने हर जिले में 4-5 बड़ी फैक्ट्रियां लगाने के वादे को भी याद दिलाया। तेजस्वी के अनुसार, यदि चुनाव जीतने के लिए पैसे बांटे जा सकते हैं, तो सरकार बनने के बाद जनता की जरूरतें भी पूरी होनी चाहिए।
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कानूनी चुनौतियों पर तेजस्वी की चुप्पी
जहां एक तरफ तेजस्वी सरकार पर हमलावर हैं, वहीं 'लैंड फॉर जॉब' घोटाले में लालू परिवार पर आरोप तय होने के सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली। कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ व्यापक साजिश रचने के आरोपों को सही माना है, जो आरजेडी के लिए एक बड़ा झटका है। जब मीडिया ने इस कानूनी कार्रवाई और भ्रष्टाचार के आरोपों पर सवाल किए, तो तेजस्वी बिना कोई जवाब दिए वहां से निकल गए, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।












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