Chandrayaan 3 लॉन्चिंग ऑपरेशन डायरेक्टर का है बिहार से नाता, जानिए अमिताभ के बारे में कुछ ख़ास
Chandrayaan 3 Launched: चंद्रयान 3 की कामयाब लॉन्चिंग के बाद बिहार के समस्तीपुर ज़िला के कुबौलीराम निवासी वैज्ञानिक अमिताभ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रहे हैं। अमिताभ की कामयाबी से उनके परिवार में खुशी की लहर है, बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। अमिताभ के मां-बाप बेटे की कामयाबी से फूले नहीं समा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने मां और पिता की सेवा सभी बेटे करते हैं, हमारा बेटा देश (धरती मां) की सेवा कर रहा है।
अमिताभ के पिता ने कहा कि उनका बेटा घर से दूर रहकर देश की सेवा में लगा हुआ है। हम लोगों के लिए इससे ज्यादा खुशी और गर्व की बात कुछ और नहीं हो सकती है। उन्होंने अमिताभ के बचपन के दिनों को याद करते हुए बताया कि पढ़ाई शुरू करने से लेकर मैट्रिक पास करने तक वह पैदल ही स्कूल जाता और आता था। दोस्तों के साथ वक्त बिताने से ज्यादा वह किताबों को पढ़ने में दिलचस्पी रखता था।

अमिताभ के पिता राम चंद्र प्रसाद सिंह बतौर हेडमास्टर काम किया करते थे, वहीं उनकी माता शैल्य देवी घरेलू महिला थी। मौजूदा वक्त में अमिताभ के 87 वर्षीय पिता और 84 वर्षीय माता अपने गांव में ही रह रहे हैं।अमिताभ के पिता रामचंद्र प्रसाद ने बताया कि चार बेटियों के बाद अभिताभ है, वह परिवार में सबसे छोटा है। अमिताभ ने Isc से Msc (इलेक्ट्रॉनिक्स) तक की तालीम बिहार की राजधानी पटना के एएन कॉलेज से हासिल की है।
BIT मेसरा से एमटेक की डिग्री हासिल की, एमटेक करने के दौरान आखिरि साल में उन्होंने प्रोजेक्ट वर्क के लिये इसरो के 3 केंद्रों में आवेदन दिया था। अमेरिका की रिसर्च कंपनी RMSI से साल 1999 में जुड़े। साल 2003 में अमिताभ का इसरो में बतौर क्लास वन साइंटिस्ट सेलेक्शन हुआ। इसके बाद वह कामयाबी की बुलंदियों को छूते चले गए।
वैज्ञानिक अमिताभ के परिवार की बात की जाए तो उनकी पत्नी ममता सिंह पेशे से डॉक्टर हैं, जो एम्स जोधपुर में कार्यरत हैं। दोनों को एक बेटा और एक बेटी है। गांव बहुत ही कम आ पाते हैं। उनकी कामयाबी से पूरे गांव में खुशी की लहर है। गांव वालों के कहना है कि अमिताभ ने विदेशों तक में ज़िले का नाम रोशन कर दिया है।












Click it and Unblock the Notifications